Education Loan : अगर विदेश में पढ़ाई करते है, तो फिर इसका खर्चा बहुत अधिक आता हैं। जो लोग विदेश में पढ़ाई करते है उनको विदेश में पढ़ाई करने के लिए केवल लोन लेने की जरूरत नहीं होती है, बल्कि ट्रेवलिंग करने और विदेश में पढ़ाई करने में और घर से दूर रहे शामिल जो जोखिम हैं। उससे सुरक्षा की जरूरी होती हैं।

इंश्योरेंस एजुकेशन लोन पर
जब कोई छात्र विदेश में पढ़ाई करने का निर्णय ले लेता है और एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करता हैं, तो लोन चुकाने की जो जिम्मेदारी होती हैं। वो सह-आवेदक की होती हैं अधिकतर जो मामले हैं उसमें सह-आवेदक छात्र के माता-पिता ही होते हैं। छात्र जो होता हैं जब तक वो लोन की राशि के भुगतान करने के लिए आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं होता हैं। जो लोन बीमा होता है। उसको खरीदना इस बात आश्वासन देता है कि अगर कोई अनहोनी हो जाती हैं, तो फिर जो सह-आवेदक है पूरा लोन की राशि और ब्याज की भी राशि चुकाने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

फायदा कितना मिलेगा
यह जो एजुकेशन लोन होता हैं। यह लाइलाज बीमारी और कुछ मामलों में जैसे नौकरी चलिए जाने की स्थिति में जो आवदेक होता है। उसको सुरक्षा प्रदान करता हैं। विदेश में एजुकेशन लोन बीमा की जो देनदारी हैं। वो फैमिली सदस्य तक नहीं होती है क्योंकि परिवार के सदस्य सह-आवेदक होते हैं। हालांकि, लोन लेने वाला लोन का भुगतान करने के लिए असमर्थ हैं उनको इसका फायदा मिलता हैं। जो आवेदक होते हैं उनको विदेशी एजुकेशन लोन बीमा है। उसके प्रीमियम अलग से भुगतान करने की जरूरत नहीं हैं क्योंकि जो आपके एजुकेशन लोन की ईएमआई हैं उसमें ये पहले से ही शामिल होगी। एनबीएफसी से असुरक्षित एजुकेशन लोन हैं उसके मामले में अपना सुरक्षा के लिए एजुकेशन लोन बीमा लेना एक अच्छा ऑप्शन हैं।

क्या किसी भी वजह से लोन भरने में चूक जाने पर बीमा कंपनी उसके लिए उत्तरदायी होगी
यह बिल्कुल नही है कि बीमा कम्पनी लाइलाज बीमारी या आवेदक के गुजर जाने के जो मामले हैं l उसमें लोन की राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। हालांकि यह जो हैं वो इस बात पर निर्भर करता है कि किस प्रकार का लोन छात्र ने लिया हैं। अगर आवेदक की नौकरी चली जाती हैं, तो फिर ऐसी स्थिति में कुछ लोन बीमा पॉलिसी उत्तर दाई होती हैं।


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