Swiggy IPO: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी के आईपीओ को लेकर बड़ा अपेडट आ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IPO के लिए प्राइस बैंड फिक्स हो गया है, जोकि 371-390 रुपए फिक्स किया जा सकता है. साथ ही यह आईपीओ 6 नवंबर को खुल सकता है. यह जोमैटो के बाद इस सेगमेंट की दूसरी कंपनी है, जोकि IPO लॉन्च करने जा रही है. SEBI के पास स्विगी ने 26 सितंबर को दस्तावेज जमा किए थे.
प्राइस बैंड को लेकर आया अपडेट
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट्स के मुताबिक प्राइस बैंड और आईपीओ की तारीख फिक्स हो गया है. कंपनी आईपीओ से जुटाई रकम का इस्तेमाल मार्केट में पहुंच बढ़ाने और जोमैटो के मुकाबले स्थिति मजबूत करने के लिए करेगी. कंपनी कम वैल्युएशंस के बूते रिटेल निवेशकों को आकर्षित करना चाहती है. कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 5000 करोड़ रुपए जुटाएगी. जबकि ऑफर फॉर सेल यानी OFS में 18.52 करोड़ इक्विटी शेयर जारी होंगे. इसके जरिए कंपनी करीब 6,666 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है.
स्विगी आईपीओ के लिए बुकरनिंग लीड मैनेजर्स के तौर पर कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एवेंडस कैपिटल, जेपी मॉर्गन इंडिया, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज नियुक्त किए गए हैं. जबकि रजिस्ट्रार के तौर पर लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है.

IPO में दिग्गज निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी
स्विगी, IPO से जुटाए फंड का इस्तेमाल बिजनेस ग्रोथ के लिए खर्च करेगी. इसके तहत फंड को क्विक कॉमर्स सेगमेंट के विस्तार और इसके इंफ्रा को मजबूत करने के लिए खर्च किया जाएगा. IPO में Accel, Coatue, Alpha Wave, Elevation, Norwest और Tencent जैसे इनवेस्टर्स स्टेक सेल करेंगे. इसके जरिए कंपनी में ओनरशिप को कम करेंगे.
बताते चलें कि स्विगी में Prosus की 32% हिस्सेदारी है. सॉफ्टबैंक की 8%, Accel की 6 फीसदी स्टेक है. इन बड़े नामों के अलावा एलिवेशन कैपिटल, डीएसटी ग्लोबल, नॉरवेस्ट, टेनसेंट, कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और सिंगापुर की GIC कंपनी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स हैं, जोकि OFS में हिस्सा बिक्री कर सकते हैं.
भारत में तेजी बढ़ रहा फूड डिलीवरी मार्केट
भारतीय फूड डिवीवरी मार्केट को लेकर आगे अच्छा आउटलुक है. एक अनुमान के मुताबिक साल 2030 तक यह 2 लाख करोड़ रुपए के पार निकल जाएगा. देश के फूड डिलीवरी मार्केट में 90% से ज्यादा की हिस्सेदारी स्विगी और जोमैटो के पास है. जोमैटो को मार्केट में साल 2021 में ही लिस्ट हो चुका है. अब स्विगी की बारी है. मीडिया सोर्सेज के मुताबिक स्विगी पर कुछ बैंकरों ने भरोसा जताया है, जोकि 10 से 13 अरब डॉलर की वैल्युएशंस के साथ लिस्ट हो सकती है.
स्विगी का फाइनेंशियल सुधरा
ज़ोमैटो से कई पैरामीटर पर पिछड़ने के बावजूद स्विगी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है. FY24 में स्विगी की आय FY23 के मुकाबले बढ़ा है. यह 8,265 करोड़ रुपए से 36% बढ़कर 11,247 करोड़ रुपए हो गया. इस दौरान बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट की वजह से घाटा भी कम हुआ है. यह 4,179 करोड़ रुपए से 44% घटकर 2,350 करोड़ रुपए हो गया. वहीं, गुरुग्राम बेस्ड ज़ोमैटो ने FY24 में 12,114 करोड़ रुपए की आय और 351 करोड़ रुपए का प्रॉफिट दर्ज किया.


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