Suzlon Energy vs Waaree Energies: सुजलॉन एनर्जी या फिर वारी एनर्जीज का शेयर? जानें कहां बन रहा कमाई का मौका

Suzlon Energy vs Waaree Energies: शेयर बाजार में जोरदार एक्शन है. बाजार के प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड हाई से करीब 12% तक फिसल गए हैं. पिछले 6 कारोबारी दिनों की गिरावट में निफ्टी 3% फिसल चुका है. बाजार पर अमेरिकी टैरिफ से ट्रेड वॉर (Trade War Tension) का डर, ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ समेत ऊंचे वैल्युएशंस का असर है.

बाजार पर दबाव की वजह से चुनिंदा शेयर फोकस में हैं. इन शेयरों में भारत की ग्रोथ स्टोरी (India Growth Story) का हिस्सा बन रहा रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर भी है. सेक्टर की दो कंपनियां सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) और वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के शेयरों पर फोकस में हैं.

एनर्जी सेक्टर पर सरकार का फोकस हुआ शिफ्ट

भारत सरकार का फोकस पिछले 2 सालों में ग्रीन एनर्जी (Green Energy) स्टोरी में बदलाव हुआ है. इसमें रिन्युएबल एनर्जी पर फोकस बढ़ा है. इसके तहत 2030 तक 500 गीगावाट ग्रीन एनर्जी हासिल करने का टारगेट है. इसका फायदा सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) और वारी एनर्जीज (Waaree Energies) जैसी कंपनियों को मिल सकता है, जिसमें विंड टर्बाइन बनाने वाली सुजलॉन एनर्जी और टॉप सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर वारी एनर्जीज को बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं.

Suzlon Energy vs Waaree Energies Financial Performance

FY2025 की तीसरी तिमाही में सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy Q3 Results) की आय में 91% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई, जोकि अक्टूबर से दिसंबर के दौरान 2,969 करोड़ रुपए की आय रही. यह 447 मेगावाट की रिकॉर्ड डिलीवरी की वजह से संभव हुआ. EBITDA दोगुना से ज्यादा बढ़कर करीब 500 करोड़ रुपए हो गया, जबकि मार्जिन में थोड़ा सुधार हुआ.

सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy Stock Price) ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में सुविधाओं का नवीनीकरण करके नई ब्लेड लाइनें जोड़ीं और क्षमता में बढ़ोतरी की. कंपनी के पास 1,107 करोड़ रुपए की नेट कैश स्थिति है. आने वाले सालों में 5.5 गीगावाट से ज्यादा ऑर्डर बुक के साथ मजबूत ग्रोथ की योजना है.

Suzlon Energy vs Waaree Energies

रिटेल ऑर्डर और तेजी से एग्जीक्युशन टाइमटाइन की वजह से वारी एनर्जीज की आय में जोरदार बढ़त दर्ज की गई. Q3FY25 में आय सालाना आधार पर 115% बढ़कर 3,457 करोड़ रुपए हो गयी. EBITDA में भी 257% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई, जबकि PAT में 260% का उछाल आया है. संभावित अमेरिकी नीति अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी की 26.5 GW की मजबूत ऑर्डर बुक है.

कंपनी सोलर सेल, इनवर्टर, इनगॉट, वेफर्स, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ा रही है. कंपनी का टारगेट अपने एनेल ग्रीन पावर इंडिया का अधिग्रहण करना भी है, जिससे इंडिपेंडेंट पावर जेनरेशन बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा.

Suzlon Energy vs Waaree Energies Stock Performance

सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) का शेयर BSE पर करीब 2% की बढ़त के साथ 53 रुपए के पार निकल गया. शेयर बीते 1 साल में 21% रिटर्न दिया है. 2 साल की अवधि में शेयर में 490% की जबरदस्त तेजी दिखाई है. वहीं, वारी एनर्जीज (Waaree Energies) का शेयर 2% की तेजी के साथ 2243 रुपए के भाव पर है. शेयर लिस्टिंग के बाद से अब तक 33% का निगेटिव रिटर्न दिया है.

वारी एनर्जीज के शेयर पर जनवरी में कोटक इंस्टीट्युशनल सिक्योरिटीज ने (Brokerage on Waaree Energies) कवरेज की शुरुआत की. इसके तहत स्टॉक पर बिकवाली की रेटिंग दी. साथ ही 2550 रुपए का डाउनसाइड टारगेट भी दिया. वहीं, सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर एनलिस्ट्स बुलिश नजर आ रहे. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने शेयर (Brokerage on Suzlon Energy Share) पर ओवरवेट की रेटिंग दी है. शेयर पर 71 रुपए का अपसाइड टारगेट दिया है. इसके अलावा जेएम फाइनेंशियल ने 80 रुपए का अपसाइड टारगेट दिया है.

Suzlon Energy vs Waaree Energies

सुजलॉन एनर्जी की स्थापना 1995 में हुई, जिसे काफी फाइनेंशियल (Suzlon Energy Financial Performance) चुनौतियों का सामना करना पड़ा. लेकिन अब कंपनी स्थिर प्रॉफिट मार्जिन पर फोकस कर रही है. बता दें कि कंपनी का भारत के विंड एनर्जी मार्केट में 31% हिस्सेदारी है. हालांकि, कंपनी के लिए सस्ते सोलर ऑप्शन की चुनौती है. वहीं, वारी एनर्जीज ने FY21 और FY24 के बीच अपनी क्षमता 2GW से बढ़ाकर 12GW कर दी. कंपनी ने आगे की ग्रोथ के लिए अक्टूबर 2024 में IPO के ज़रिए 4,321 करोड़ रुपए जुटाए.

रिन्युएबल एनर्जी में सरकारी निवेश की वजह से मई 2023 से सितंबर 2024 के दौरान सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिला है. मल्टीबैगर स्टॉक ने (Suzlon Energy Stock Return) शेयरहोल्डर्स को करीब 880% का तगड़ा रिटर्न दिया है. इसके उलट वारी एनर्जीज के शेयरों में करेक्शन देखने को मिला. प्रीमियम पर लिस्टिंग के बाद गिरावट है. दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प के चुनाव (Donald Trump) के बाद ग्रीन एनर्जी फंडिंग को लेकर चिंता बढ़ गई, जिसके बाद स्टॉक में 37% तक गिरावट देखने को मिली.

(डिस्क्लेमर: शेयर में निवेश की सलाह ब्रोकरेज फर्म द्वारा दी गई है. निवेश से जुड़े किसी भी फैसले को लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें. गुडरिटर्न्स का मकसद आर्टिकल के जरिए जानकारी पहुंचाना है.)

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