Suzlon Energy Share Price: विंड टर्बाइन बनाने वाली कंपनी सुजलॉन एनर्जी का शेयर आज 9 सितंबर को एक बार फिर फोकस में है. पॉजिटिव खबरों के दम पर शेयर करीब ढाई फीसदी ऊपर ट्रेड कर रहा है. दरअसल, सरकारी कंपनी NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से भारत का सबसे बड़ा पवन ऊर्जा ऑर्डर हासिल किया है. इसके तहत सुजलॉन एनर्जी को कुल 1,166 मेगावाट का ऑर्डर मिला.
ताजा ऑर्डर में हाइब्रिड लैटिस ट्यूबलर (HLT) टावर के साथ 370 पवन टरबाइन जनरेटर (WTG) इंस्टॉल करना शामिल है. इसमें हर एक की रेटेड क्षमता 3.15 मेगावाट है. इस ऑर्डर से सुजलॉन की कुल ऑर्डर बुक 3 सितंबर, 2024 तक 5 गीगावाट के करीब पहुंच गई है. बता दें कि पिछले एक साल में सुजलॉन एनर्जी के शेयर 212% की बंपर तेजी दिखा चुका है. इसमें निवेशकों को बंपर मुनाफा हुआ है.
सुजलॉन का स्ट्रैटेजिक मूव
सुजलॉन ने हाल ही में रेनोम एनर्जी में 51% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया, जिससे यह एक सहायक कंपनी बन गई. यह अधिग्रहण अगस्त में सुजलॉन के बोर्ड से मंजूरी दो-ट्रांजैक्शन वाले 660 करोड़ रुपए के सौदे का हिस्सा है. पहले ट्रांजैक्शन में 400 करोड़ रुपए में रेनोम के 51 प्रतिशत शेयर खरीदे गए, इसके अलावा 18 महीनों के भीतर 260 करोड़ रुपए में अतिरिक्त 25 प्रतिशत शेयर खरीदे जाने थे.

स्टॉक पर ब्रोकरेज बुलिश
ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने हाल ही में सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर टारगेट बढ़ाया है, जिसे 70 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए कर दिया है. साथ ही 'ADD' रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज फर्म ने सुजलॉन का वैल्युएशन FY26 की अनुमानित आय 1.60 रुपए प्रति शेयर के 50 गुना पर किया है. ICICI सिक्योरिटीज ने कहा कि सुजलॉन अप्रैल 2022 में नॉन-कोर एसेट को बेच कर क्षमता बढ़ाने और अधिक ऑर्डर हासिल करने के लिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है.
सुजलॉन एनर्जी का कारोबार
सुजलॉन एनर्जी की शुरुआत 1995 में हुई, जोकि देश के रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर में प्रमुख नाम है. इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के पुणे में है. टर्बाइन बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शुमार है. ग्लोबल लेवल पर कंपनी की मजबूत मौजूदगी है. भारत में ये कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और इको-फ्रेंडली एनर्जी सॉल्युशंस पर काम कर रही. भारत के टर्बाइन मार्केट में सुजलॉन एनर्जी की हिस्सेदारी 32 फीसदी है.


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