Suzlon Energy Share: शेयर बाजार में तगड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार के प्रमुख इंडेक्स मार्च में निचले स्तरों से रिकवर कर रहे. सेंसेक्स और निफ्टी अब तक करीबन 6-6% की तेजी दिखा चुके हैं. स्मॉलकैप और मिडकैप ने तो आउटपरफॉर्म किया है, जोकि 11% तक की तेजी दिखा चुके हैं. बाजार में लौटी हरियाली के बीच कमाई का भी मौका बना है.
मल्टीबैगर स्टॉक में कमाई का मौका
ब्रोकिंग फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन पर पॉजिटिव रुख अपनाया है. शेयर पर ब्रोकरेज ने 'खरीदें' की रेटिंग दी है. साथ ही शेयर पर 70 रुपए का अपसाइड टारगेट दिया है. यह शेयर के मौजूदा भाव 58 रुपए से 21% ज्यादा है. मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि भारत के रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर का तेजी से ग्रोथ सुजलॉन के लिए कई मौके देगा.
सुजलॉन विंड एनर्जी इंडस्ट्री में अच्छी स्थिति में है, जिसकी 17 देशों में ग्लोबल प्रेजेंस है. इसकी स्थापित क्षमता 20.9GW है. भारत में इसकी 31% मार्केट शेयर है. विंड एनर्जी की बढ़ती मांग और सरकारी नीतियों का सपोर्ट कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
सरकार के नवीकरणीय एनर्जी टारगेट
भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500GW रिन्युएबल एनर्जी प्रोडक्शन हासिल करना है, जिसमें विंड एनर्जी का योगदान 48GW से बढ़कर 100GW होने की उम्मीद है. ग्लोबल लेवल पर अमेरिका, जर्मनी, चीन और यूके जैसे देशों में विंड एनर्जी रिन्युएबल एनर्जी के मिक्सचर का 33-42% हिस्सा है. भारत में यह आंकड़ा लगभग 20% होने का अनुमान है.
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ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए सरकार ने इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) कॉस्ट को माफ करने और कम रिटर्न वाले सेक्टर्स में व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण प्रदान करने जैसे सुधार पेश किए हैं. ये उपाय पूरे देश में पवन ऊर्जा विकास को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं.
सुजलॉन की मजबूत ऑर्डर बुक
सुजलॉन का संचालन और रखरखाव (O&M) वर्टिकल इसकी विकास संभावनाओं में अहम योगदान देता है. रेनोम एनर्जी के हालिया अधिग्रहण ने इस क्षेत्र में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है, जिससे इसका लॉन्ग टर्म आउटलुक बेहतर हुआ है. फिलहाल सुजलॉन की ऑर्डर बुक 5.7GW है, जिसमें कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) वर्टिकल का योगदान कुल का 59% है.
रिन्युएबल एनर्जी को प्राथमिकता सेक्टर का दर्जा देने के सरकार के फैसले से निवेश के नए रास्ते खुलेंगे. इस बदलाव से सुजलॉन जैसी कंपनियों को वित्तपोषण तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उनकी विस्तार योजनाओं को मदद मिलेगी. विंड एनर्जी, सोलर एनर्जी की तुलना में निवेश पर लगभग 1% अधिक रिटर्न देती है, जिससे अधिक डेवलपर्स इसकी ओर आकर्षित होते हैं.

ब्रोकरेज फर्म का पॉजिटिव आउटलुक
सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद सुजलॉन अपने ब्रॉडर एक्सपिरियंस और मजबूत कस्टमर बेस का फायदा उठाकर बढ़त बनाए रख सकती है. सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर जेएम फाइनेंशियल्स और इन्वेस्टेक दोनों ने 70 से 71 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है.
सरकार के पॉलिसी सपोर्ट, स्थिर ऑर्डर बुक ग्रोथ और O&M सेगमेंट की मजबूत स्थिति को देखते हुए सुजलॉन आने वाले सालों में भारत के विंड एनर्जी सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी बने रहने के लिए तैयार है. ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि यह शेयर समय के साथ निवेशकों को अच्छा रिटर्न देगा.
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