Suzlon Energy Q2 Results: विंड एनर्जी सेक्टर की कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई और यह 4,869 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी ने 710 मेगावाट की रिकॉर्ड डिलीवरी की। हालांकि, रेवेन्यू में तेज बढ़ोतरी के बावजूद ऑपरेटिंग मुनाफे में खास सुधार नहीं हुआ और EBITDA मार्जिन पर दबाव देखने को मिला।

सुजलॉन एनर्जी ने सितंबर तिमाही में 710 मेगावाट के विंड टर्बाइन डिलीवर किए। यह कंपनी की किसी एक तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा डिलीवरी है। पिछली तिमाही के मुकाबले डिलीवरी में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, कंपनी की कमीशनिंग भी तिमाही आधार पर 69% बढ़कर 454 मेगावाट पर पहुंच गई। कंपनी का रेवेन्यू जून तिमाही के 3,819 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर तिमाही में 4,869 करोड़ रुपये हो गया।
मुनाफे में कितनी बढ़ोतरी हुई?
सुजलॉन एनर्जी का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 394 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 1,279 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, पिछले साल के मुनाफे में 891 करोड़ रुपये के डेफर्ड टैक्स एसेट का असर शामिल था। इस एकमुश्त टैक्स लाभ को ध्यान में रखते हुए तुलना करें, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 1.3% बढ़ा है। जून तिमाही के 305 करोड़ रुपये के मुकाबले भी मुनाफा बढ़ा है।
EBITDA मार्जिन में आई गिरावट-
कंपनी के नतीजों में चिंता की बात ऑपरेटिंग मुनाफा और मार्जिन है। सितंबर तिमाही में EBITDA 720 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 721 करोड़ रुपये था। यानी रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद ऑपरेटिंग मुनाफा लगभग स्थिर रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 18.6% से घटकर 14.8% पर आ गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी 562 करोड़ रुपये से घटकर 518 करोड़ रुपये रह गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी को बढ़ते कारोबार के साथ लागत और मार्जिन को संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
6 GW से ज्यादा की ऑर्डर बुक-
आने वाले समय के लिए कंपनी के पास 6 GW से ज्यादा की ऑर्डर बुक है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी को 1.5 GW से ज्यादा के नए ऑर्डर मिले। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में EPC ऑर्डर की हिस्सेदारी 38% है, जिसे वित्त वर्ष 2027-28 तक बढ़ाकर 50% करने का लक्ष्य है। कंपनी की नेटवर्थ भी 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। वहीं, CRISIL ने इसकी लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर AA-/Stable कर दी है।
नतीजों से पहले शेयर में गिरावट-
नतीजों के ऐलान से पहले 29 अक्टूबर को BSE पर सुजलॉन एनर्जी का शेयर 1.45% गिरकर 36.79 रुपये पर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी मजबूत ऑर्डर बुक को कितनी तेजी से कमाई में बदलती है और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में कितना सुधार होता है।
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