Surajkund Mela Ticket Booking: अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और देश की अलग-अलग संस्कृतियों को जानने की चाह रखते हैं तो आपके लिए सूरजकुंड मेला जाना जरूरी है। हरियाणा के फरीदाबाद में हर साल एक मेले का आयोजन किया जाता है जिसका नाम है सूरजकुंड मेला जो 31 जनवरी से चालू होता है और 15 फरवरी तक चलता है।

इस मेले में घूमने वाले सिर्फ भारत के लोग ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट्स आना पसंद करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी यह मेला देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आए पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सूरजकुंड मेला क्यों है खास
सूरजकुंड मेला सिर्फ खरीदारी का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय विरासत को संजोने का मंच है। इसकी शुरुआत साल 1987 में हुई थी, ताकि पारंपरिक कारीगरों और कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिल सके। समय के साथ यह आयोजन इतना बड़ा बन गया कि आज इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। यहां अलग-अलग राज्यों और कई देशों की संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है।
हस्तशिल्प की रंगीन दुनिया
मेले में कदम रखते ही रंग-बिरंगे स्टॉल आपका ध्यान खींच लेते हैं। मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की सजावट, धातु से बनी कलाकृतियां, हाथ से बुने कपड़े, पारंपरिक गहने और पेंटिंग्स यहां खूब पसंद की जाती हैं। खास बात यह है कि ज्यादातर चीजें सीधे कारीगरों द्वारा बनाई और बेची जाती हैं, जिससे उनकी मेहनत का सही दाम उन्हें मिलता है।
2026 की थीम उत्तर प्रदेश
हर साल मेले में एक राज्य को थीम स्टेट चुना जाता है। इस बार उत्तर प्रदेश को यह सम्मान मिला है। यूपी की मशहूर चिकनकारी, जरदोजी कढ़ाई, बनारसी साड़ी, कालीन और मिट्टी की कला इस बार खास आकर्षण रहेंगी। साथ ही लखनऊ, आगरा और वाराणसी के पारंपरिक व्यंजन लोगों के स्वाद को भी नया अनुभव देंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
सूरजकुंड मेला सिर्फ देखने और खरीदने तक सीमित नहीं है। यहां हर दिन लोक संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होती हैं। अलग-अलग राज्यों के कलाकार अपनी लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत कर देते हैं। शाम के समय होने वाले कार्यक्रम मेले के माहौल को और खास बना देते हैं।
टिकट, समय और सुविधाएं
मेले में प्रवेश के लिए वीकडेज में टिकट 120 रुपए और वीकेंड में 180 रुपए रखी गई है। 5 साल से छोटे बच्चों के लिए एंट्री फ्री है। वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और दिव्यांगजनों को पहचान पत्र दिखाने पर छूट मिलती है। मेला रोज सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है। टिकट मेट्रो स्टेशन, मोबाइल ऐप और तय काउंटरों से खरीदी जा सकती है। टिकट आप दिल्ली मेट्रो स्टेशनों, DMRC Momentum (Delhi Sarathi 2.0) ऐप और चुनिंदा मेट्रो काउंटरों से खरीद सकते हैं।
सूरजकुंड मेला कैसे पहुंचें
सूरजकुंड मेला दिल्ली से लगभग 20-25 किलोमीटर दूर है। मेट्रो से आने वालों के लिए वॉयलेट लाइन का बदरपुर बॉर्डर स्टेशन सबसे नजदीकी विकल्प है। वहां से ऑटो, टैक्सी और शटल बस आसानी से मिल जाती है। अपनी गाड़ी से आने वाले लोग फरीदाबाद की मुख्य सड़कों के जरिए भी आराम से पहुंच सकते हैं।
सूरजकुंड मेला 2026 भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा का ऐसा संगम है, जहां हर कदम पर कुछ नया देखने और महसूस करने को मिलता है। यह मेला परिवार और दोस्तों के साथ यादगार समय बिताने का शानदार मौका देता है।
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