ऑटो सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगा दी है।
नई दिल्ली: ऑटो सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने मार्च में लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की बिक्री पर नाराजगी जाहिर की है। एससी ने कहा है कि लॉकडाउन में सामान्य से ज्यादा वाहन बिके हैं। एससी ने बीएस-4 वाहन बिक्री के आंकड़े मांगे हैं। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि लॉकडाउन दौरान बीएस-4 वाहनों की असामान्य संख्या में बिक्री हुई है।

अगली सुनवाई 13 अगस्त को
वहीं बता दें कि सुप्रीम कोर्ट 13 अगस्त को इस मामले में दोबारा सुनवाई करेगा। इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन की उस याचिका पर नाराजगी जताई थी जिसमें डीलर्स को अपनी अनसोल्ड इनवेंटरी को निर्माताओं को वापस करने देने की इजाजत मांगी थी जिससे उन्हें दूसरे देशों में निर्यात किया जा सके। एसोसिएशन की ओर से वकील ने जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच को बताया था कि ऐसे कुछ देश हैं जहां बीएस-4 कंप्लायंट वाहनों की बिक्री को मंजूरी है। 8 जुलाई को शीर्श अदालत ने अपने 27 मार्च को दिए फैसले को वापस ले लिया था। उस फैसले में कोर्ट ने कोरोना को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बाद दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर पूरे भारत में बीएस-4 वाहनों की बिक्री को 10 दिन के लिए इजाजत दी थी। शीर्ष अदालत ने 27 मार्च को कहा था कि वह 10 फीसदी नहीं बिके बीएस-4 वाहनों की सेल को इजाजत दे रहा है जिससे 25 मार्च को लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण नुकसान हुए छह दिनों की भरपाई हो सके।
बता दें कि वाहन वितरकों के संगठन फाडा (एफएडीए) ने बीएस-4 वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन मई अंत तक जारी रखने की छूट के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहीं फाडा चाहता था कि बीएस-4 प्रदूषण नियंत्रण मानक वाले वाहनों के बचे स्टॉक को बेचने के लिए कुछ और समय मिले। एमसी मेहता बनाम भारत सरकार एवं अन्य के मामले में शीर्ष अदालत ने देशभर में बीएस-4 वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर एक अप्रैल 2020 के बाद रोक लगा दी थी।


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