Sunita Williams India Connection: सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर, जो नौ महीने से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर हैं, पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं. नासा ने 18 मार्च तक उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए एक स्पेशल स्पेसक्राफ्ट भेजा है. यह सुनीता की तीसरी अंतरिक्ष यात्रा है, इससे पहले उन्होंने 2006 और 2012 में मिशन के दौरान 322 दिन अंतरिक्ष में बिताए थे. उनकी सुरक्षित वापसी के लिए भारत में उनके पैतृक गांव में विशेष प्रार्थनाएँ की जा रही हैं.
भारत में किस गांव से सुनीता विलियम्स का कनेक्शन?
सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को ओहियो के यूक्लिड में हुआ था. उनके पिता डॉ. दीपक पंड्या गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव के रहने वाले हैं. वे 1957 में चिकित्सा की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका चले गए और वहीं उर्सलाइन बोनी से शादी कर ली. कल्पना चावला के बाद सुनीता नासा के ज़रिए अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात से हैं, जिनका जन्म वडनगर में हुआ था. वे प्रदेश में के मुख्यमंत्री भी रहे हैं.

सुनीता विलियम्स के लिए PM मोदी ने लिखी चिट्ठी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी को लेकर एक्स पर एक लेटर शेयर किया है. उन्होंने लिखा कि आप भले ही मीलों दूर हैं, लेकिन आप हमारे दिलों के बेहद करीब हैं. मैं आपको भारत की जनता की ओर से शुभकामनाएं भेज रहा हूं. एक इवेंट में मेरी मुलाकात फेमस अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो से हुई. उनसे बातचीत में आपकी चर्चा हुई. इस चर्चा के बाद मैं आपको लेटर लिखने से रोक नहीं पा रहा.
झुलासन गांव से सुनीता विलियम्स का कनेक्शन
गांधीनगर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित झूलासन गांव सुनीता विलियम्स की जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है. करीब 7,000 की आबादी वाले इस गांव में विभिन्न जातियां और समुदाय रहते हैं. सुनीता इस गांव में दो बार आई थीं, जिसमें पहली बार 2007 और फिर 2013 में अपने सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद सुनीता ने अपने गांव गईं थी.
विलियम्स परिवार के पास झूलासन में कई संपत्तियां हैं. सुनीता के दादा-दादी की याद में 1960 के दशक के अंत में वहां एक पुस्तकालय स्थापित किया गया था. उनके पिता का पैतृक घर अभी भी खड़ा है, लेकिन अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका है. 2007 में उन्होंने स्थानीय स्कूल के विकास के लिए 2.5 लाख रुपये दान किए, जहां उनका नाम दानदाताओं में लिस्ट है.
सुनीता विलियम्स की फैमिली
सुनीता के परिवार में दो बड़े भाई-बहन हैं, जिसमें जय थॉमस पांड्या और डायना एन पांड्या शामिल हैं. उनकी शादी माइकल जे. विलियम्स से हुई है, जो टेक्सास में एक पायलट और पुलिस अधिकारी हैं. दिलचस्प बात यह है कि माइकल हिंदू धर्म में विश्वास करते हैं।
सुनीता विलियम्स का एजुकेशन
1987 में भौतिकी की डिग्री हासिल करने के बाद सुनीता ने 1995 तक इंजीनियरिंग प्रबंधन में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की. महिला अंतरिक्ष यात्रियों में सबसे लंबी अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड उनके नाम है. उनकी उपलब्धियाँ उनके पैतृक गाँव झूलासन के लोगों को प्रेरित करती रहती हैं.
सफलता का जश्न मनाना
झूलासन के ग्रामीण सुनीता विलियम्स को प्रेरणास्रोत मानते हैं और उनके सम्मान में स्थानीय पुस्तकालय और स्कूलों में विभिन्न योजनाएं चलाते हैं. जब भी वह अंतरिक्ष मिशन पर जाती हैं, तो वे उनकी सुरक्षा और सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं. जब वह तीसरी बार अंतरिक्ष से लौटने की तैयारी कर रही होती हैं, तो वे एक बार फिर जश्न मनाने के लिए तैयार रहते हैं.


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