Sun TV Share Price: चेन्नई बेस्ड मीडिया ग्रुप सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के शेयरों में आज शुक्रवार को तेज करेक्शन है. शेयर 20 जून को कारोबार की शुरुआत में ही 4 फीसदी से ज्यादा टूट गया. यह गिरावट मारन भाइयों के बीच मीडिया नेटवर्क की शेयरहोल्डिंग को लेकर हुए विवाद के वजह आई है. BSE पर शेयर 3.5% की गिरावट के साथ 592 रुपए के भाव पर कारोबार कर रहा है.
भाईयों में विवाद से शेयर फिसला
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री और डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने अपने भाई कलानिधि मारन को एक कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि चेन्नई बेस्ड मीडिया ग्रुप के चेयरमैन और दयानिधि के अरबपति भाई कलानिधि मारन "धोखाधड़ी" और "मनी लॉन्ड्रिंग" जैसी एक्टिविटी में शामिल हैं.
कलानिधि मारन को भेजे गए नोटिस में 2003 में स्थापित मूल संरचना के अनुसार सन टीवी नेटवर्क की शेयरहोल्डिंग को बहाल करने की मांग की गई है, जिसमें उनके दिवंगत पिता एस.एन. मारन (जो मुरासोली मारन के नाम से जाने जाते हैं) और पूर्व तमिलनाडु मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पत्नी एम.के. दयालु की विरासत का उल्लेख है.

नोटिस में क्या हैं आरोप?
नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि 2003 में उनके पिता की मृत्यु के बाद शेयर उनकी मां मल्लिका मारन को बिना उचित कानूनी दस्तावेजों जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र या कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र के ट्रांसफर कर दिए गए, जो बाद में जारी किए गए थे. यह ट्रांसफर कथित तौर पर बाद में शेयरों को कलानिधि मारन को स्थानांतरित करने में मदद करने के लिए किया गया था.
नोटिस में आरोप है कि कलानिधि ने 15 सितंबर 2003 को खुद को 10 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 12 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए, जो "आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी का एक अवैध कार्य" था. नोटिस के मुताबिक उस समय शेयरों का प्राइस 2,500 रुपए से 3,000 रुपए के बीच था.
नोटिस में कहा गया है कि उस समय कंपनी वित्तीय रूप से मजबूत थी और उसे पैसे जुटाने की कोई आवश्यकता नहीं थी. इसलिए इन शेयरों को जारी करने का कोई कारण नहीं था. नोटिस के मुताबिक इससे पहले कलानिधि के पास कोई शेयर नहीं था, लेकिन इस कदम के बाद वह बहुमत के मालिक बन गए, जिससे मूल परिवारों की हिस्सेदारी 50 फीसदी से घटकर सिर्फ 20 फीसदी रह गई.
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में गलत जानकारी देने का आरोप
नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि सन टीवी ने 2006 में दाखिल अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में अपने हितधारकों को गुमराह किया. आरएचपी में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2005 तक मल्लिका मारन को डिविडेंड के रूप में 10.64 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया था. हालांकि, उन्हें डिविडेंड के जरिए ऐसी कोई राशि नहीं दी गई थी. नोटिस में कहा गया है कि आपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में झूठी जानकारी घोषित की है, जिससे आम जनता को धोखा दिया गया है.
कलानिधि मारन वर्तमान में लिस्टेड सन टीवी नेटवर्क में 75 फीसदी के मालिक हैं और 2.9 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर व्यापारियों में से एक हैं. र है।


Click it and Unblock the Notifications