Sun Pharma Share Price: सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में हरे निशान पर कारोबार कर रहा है, दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
इस बीच शुरुआती कारोबारी में ही सन फार्मा के शेयर 18% तक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। सन फार्मा की रिसर्च यूनिट SPARC (Sun Pharma Advanced Research Company) को एक बड़ा झटका लगा है।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की ओर से एक नई दवा SCD-044 (जिसे Vibozilimod भी कहा जाता है) पर किए गए क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। बुधवार 4 जून को कंपनी ने जानकारी दी कि यह दवा सोरायसिस और एटोपिक डर्मेटाइटिस जैसी बीमारियों के इलाज के लिए तैयार की जा रही थी, लेकिन ट्रायल में यह अपने मुख्य टारगेट को पूरा नहीं कर सकी।
इस नतीजे के बाद कंपनी ने SCD-044 पर आगे किसी भी तरह के क्लीनिकल ट्रायल को बंद करने का फैसला किया है। यानी अब इस दवा का विकास यहीं रोक दिया जाएगा। SPARC और इसकी पैरेंट कंपनी Sun Pharmaceuticals अब इस दवा से जुड़े भविष्य के विकल्पों पर विचार करेंगी।
SPARC के शेयरों में भारी गिरावट
दवा ट्रायल में असफलता की खबर आने के तुरंत बाद SPARC के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। बुधवार को कंपनी के शेयर करीब 18% गिरकर 158.30 रुपए पर पहुंच गए। यह गिरावट इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले एक महीने में SPARC के शेयरों में 20% से ज्यादा का उछाल देखा गया था। वहीं, सन फार्मा के शेयर 1,665 रुपए के आसपास मामूली बदलाव के साथ स्थिर रहे।
दवा को लेकर उम्मीदें थीं ज्यादा
SCD-044 को सन फार्मा की खास दवाओं की पाइपलाइन में एक प्रोबेबल प्रोजेक्ट माना जा रहा था। यह दवा खासतौर पर इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियों के लिए बनाई जा रही थी और इसके ट्रायल को लेकर काफी उम्मीदें थीं। लेकिन ट्रायल में दवा का असर उतना मजबूत नहीं रहा जितनी जरूरत थी। इससे निवेशकों के भरोसे पर भी असर पड़ता दिख रहा है।
USFDA की जांच ने बढ़ाई चिंता
बुधवार को एक और खबर ने सन फार्मा के आसपास की चिंता को और बढ़ा दिया। CNBC-TV18 के मुताबिक, अमेरिकी दवा नियामक USFDA की तीन सदस्यीय टीम ने गुजरात के हलोल स्थित सन फार्मा प्लांट में अचानक जांच शुरू की।
यह यूनिट कंपनी की सबसे बड़ी निर्माण इकाइयों में से एक है। साल 2022 में इसी यूनिट को USFDA की ओर से एक चेतावनी पत्र मिला था और तब से यह यूनिट इंपोर्ट अलर्ट की स्थिति में है। अचानक हुई इस जांच ने निवेशकों में चिंता का विषय पैदा कर दिया है।
कंपनी के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण
एक तरफ SCD-044 का फेल होना और दूसरी तरफ USFDA की जांच ये दोनों घटनाएं एक साथ आने से सन फार्मा के लिए मौजूदा समय काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। जहां SPARC को अपने एक अहम प्रोजेक्ट से हाथ धोना पड़ा, वहीं मुख्य कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।


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