नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए मार्च के अंत में लॉकडाउन लगाया था। तब लोगों के जरूरी काम भी पूरी तरह से रुक गए थे। इनमें निवेश से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इसी के मद्देनजर सरकार की तरफ से सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) खाते खोलने के लिए एक खास सुविधा शुरू की गई। जुलाई के पहले हफ्ते में डाक विभाग ने कहा था कि उन बालिकाओं का एसएसवाई अकाउंट 31 जुलाई तक खोला जा सकेगा, जिनकी आयु लॉकडाउन के दौरान (25 मार्च से 30 जून 2020 तक) 10 वर्ष हुई है। नियमों के मुताबिक न्यूनतम 10 वर्षीय किसी लड़की का एसएसवाई अकाउंट खुलवाया जा सकता है। हालांकि लॉकडाउन के दौरान बहुत से अभिभावकों के लिए अपनी बेटी का एसएसवाई खाता खुलवाना संभव नहीं हो सका। इसी को देखते हुए सरकार ने ये राहत दी। ध्यान रहे कि इस सुविधा का लाभ सिर्फ 31 जुलाई तक उठाया जा सकता है, इसलिए जल्दी करें।
एसएसवाई पर है 7.6 फीसदी ब्याज दर
एसएसवाई खाते पर इस समय 7.6 फीसदी की ब्याज दर दी जा रही है। ये किसी भी अन्य छोटी बचत योजना के मुकाबले अधिक है। असल में पोस्ट ऑफिस ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम नहीं की, जिसके चलते फिलहाल एसएसवाई पर 7.6 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा। वैसे एसएसवाई खाता खुलवाने के लिए मिली राहत से उन अभिभावकों को फायदा होगा, जो लॉकडाउन में अपनी बेटी की उम्र 10 वर्ष पूरी होने के बावजूद एसएसएवाई खाता नहीं खुलवा सके।
एसएसवाई खाता खुलवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
- लड़की का जन्म प्रमाण पत्र
- अभिभावक का एडरेस प्रूफ, जिसके लिए पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल दिया जा सकता है
- अभिभावक का आईडी प्रूफ, जिसके लिए पैन, आधार या पासपोर्ट दिया जा सकता है
- कम से कम 250 रुपये का शुरुआती योगदान भी अनिवार्य है
एसएसवाई के जरूरी नियम
- एसएसवाई योजना में अगर खाताधारक किसी वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि 250 रुपये भी जमा न करे, तो मैच्योरिटी तिथि तक खाते को चालू न करवाने पर भी ब्याज मिलता रहेगा
- एसएसवाई खाते की समय से पहले बंद करने की अनुमति बालिका की मृत्यु या दया के आधार पर दी जाएगी। यहां दया वाले पहलू के उदारहणों में खाताधारक के जीवन को खतरे की स्थिति में इलाज या अभिभावक की मृत्यु शामिल है
- 18 वर्ष की आयु होने तक बालिका को एसएसवाई खाता संभालने की अनुमति नहीं होगी। पहले ये आयु सीमा 10 साल थी।
- किसी वित्तीय वर्ष में आप एसएसवाई खाते में 1.5 लाख रुपये तक ही जमा कर सकते है।
- एसएसवाई खाते में 15 वर्ष तक योगदान किया जा सकता है, जबकि इसकी मैच्योरिटी अवधि 21 वर्ष है।
- बेटी के 18 वर्ष की हो जाने के बाद उच्च शिक्षा के लिए कुछ पैसे योजना में से निकालने की अनुमति मिलती है।
सरकार की तरफ से इन मामलों में भी दी गई राहत
कोरोनोवायरस के मद्देनजर सरकार ने पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना सहित कई छोटी बचत योजनाओं के लिए डिपॉजिट, एक्सटेंशन और खाता खोलने के नियमों में ढील दी। ये छूट 31 जुलाई को समाप्त हो रही है। सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पीपीएफ ग्राहकों को अपने खातों में 31 जुलाई तक पैसा जमा करने की अनुमति भी दी।
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