Sukanya Samridhi Yojna: सामान्य तौर पर नागरिक अपने भविष्य जैसे की रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग, नया घर खरीदने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करते हैं। लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए प्लानिंग करने में अक्सर चूक हो जाती है। हमारी तमाम तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग में बच्चों के भविष्य के लिए भी प्लानिंग जरूर होनी चाहिए। बात अगर बेटियों की करें तो उकने भविष्य के जरूरतों के लिए प्लानिंग करना बेहद आवश्यक है। बेटियों की उच्च शिक्षा हो या फिर शादी का खर्च पहले से प्लानिंग करना बेहद ही उचित होता है। बेटियों के भविष्य के जरूरतों को पूरा करने के लिए ही सुकन्या समृद्धि योजना की शुरूआत की गई है।

लंबी अवधि का निवेश विकल्प है सुकन्या योजना
सुकन्या बचत योजना (Sukanya Samridhi Scheme) लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देती है। बेटियों के के लिए शुरू की गई इस योजना में निवेश किए गए पैसे 3 गुना रिटर्न देते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना निवेश के अन्य विकल्पो की तुलना में जैकी की पीपीएफ, एफडी, एनएससी, आरडी में बेहतर ब्याज दर प्रदान करती है। स्माल सेविंग्स योजनाओं में यह सबसे ज्यादा ब्यजा देती है।
7.6 प्रतिशत है ब्याज दर (Interest rate of Sukanya Samridhi Scheme)
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश पर सरकार 7.6 प्रतिशत का सालाना ब्याज दे रही है। इस निवेश योजना की मैच्योरिटी पिरियड बालिका के 21 साल तक होने तक की उम्र है। इस निवेश योजना में अभिवावकों को 14 साल तक ही निवेश करना होता है। बाकी बचे साल के लिए सरकार जमा राशि पर ब्याज जोड़ती रहती है। सुकन्या योजना की खास बात यह है कि इस योजना में निवेश की गई राशि मैच्योरिटी पर 3 गुना रिटर्न देती है (SSY Return)। वर्तमान में दी जाने वाली ब्याज दरों से कोई भी अभिवावक 64 लाख रुपए तक की रकम इकट्ठा कर सकता है। सरकार हर तीन महीने में ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इस योजना में निवेश की कुल राशि और ब्याज दोनों टैक्स फ्री होता है। टैक्स में यह छूट इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत होती है।

खाते को किया जा सकता है ट्रांसफर
सुकन्या समृद्धि योजना का खाता एक बार खुलवाने के बाद इसे भारत में कहीं भी ट्रांसफर कर सकते हैं। (Sukanya Scheme Investment benefit) अगर कोई पैरेंट अपने नौकरी वाले शहर में सुकन्या खाता खुलवाया है और अब किसी और शहर में अपना निवास बदलना पड़ रहा है तो, सुकन्या खाते को ट्रांसफर कर सकते हैं। अगर निवाश बदलने का सूबूत है तो खाता ट्रांसफर फ्री में किया जाता है नहीं तो 100 रुपए की फीस देना होता है।
कब मिलेगा पैसा
सुकन्या स्कीम में निवेश की गई राशि तब मैच्योर होती है (Sukanya Scheme maturity period) जब बेटी 21 साल की हो जाती है। योजना में निवेश किए गए पैसे को बेटी के 18 साल की उम्र तक निकाला नहीं जा सकता है। 18 साल की उम्र के बाद भी योजना में निवेश किए गए राशि की केवल 50 प्रतिशत राशि ही निकाली जा सकती है। बेटी के 21 साल के होने के बाद पूरा पैसा मिलता है। आप मैच्योरिटी की राशि एकमुश्त या फिर इंस्टालमेंट में निकाल सकते हैं।
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