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जल्द महंगी हो सकती है चीनी, जानिए कितने बढ़ सकते हैं दाम

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नयी दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के बाद अब खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। फलों और सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। इस बीच आम आदमी को महंगाई का एक और झटका लग सकता है। बहुत जल्द चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की तरफ से चीनी की कीमतों में प्रति किलो 2 रुपये की वृद्धि की जा सकती है। बता दें कि उच्च अधिकारियों की एक समिति ने चीनी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी को हरी झंडी भी दिखा दी है। आइये जानते हैं कि चीनी की कीमतों में होने वाली इस संभावित बढ़ोतरी का कारण क्या है।

किसानों के लिए बढ़ेंगे दाम
 

किसानों के लिए बढ़ेंगे दाम

दरअसल गन्ना किसानों का काफी पैसा बकाया है, जिससे वे परेशानी में हैं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आंकडो़ं के मुताबिक गन्ना किसानों का 2019-20 का चीनी मिलों पर लगभग 22,000 करोड़ रुपए का बकाया है। किसानों की परेशानी को देखते हुए ही सरकार चीनी महंगी करने जा रही है। बहुत जल्दी ही चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत (एमएसपी) में इजाफा किया जा सकता है। होगा ये कि इससे शुगर मिलों के कैश फ्लो में बढ़ोतरी होगी और वे किसानों का बकाया आसानी से चुका सकेंगी।

नीति आयोग फैसले से असहमत

नीति आयोग फैसले से असहमत

सचिवों की समिति चीनी के एमएसपी में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा चुका है। मगर नीति आयोग इस फैसले से नाखुश और असहमत है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीनी के एमएसपी में इजाफा करने का सुझाव उन राज्यों की तरफ से भी आया था, जो देश में बड़े चीनी उत्पादक हैं। सचिवों की तरफ से सहमति और नीति आयोग की असहमति के बीच चीनी की कीमतों में इजाफा करने को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

 कितना है किसानों का बकाया
 

कितना है किसानों का बकाया

मालूम हो कि चीनी उत्पादन वर्ष की गणना प्रत्येक वर्ष में 1 अक्टूबर से उसके आगामी वर्ष 30 सितंबर (उदाहरण के लिए 1 अक्टूबर 2020 से 30 सितंबर 2021) तक की जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अधिकारी ऐसे फैसले उठाने चाहते हैं, जिससे गन्ना किसानों को फायदा और राहत मिले। जहां तक किसानों के बकाया का सवाल है तो स्टेट एडवाइज्ड प्राइस के मुताबिक गन्ना किसानों की चीनी मिलों पर कुल बकाया राशि लगभग 22,079 करोड़ रुपये है। जबकि केंद्र सरकार के फेयर एंड रेम्युनेरेटिव प्राइस के मुताबिक ये राशि 17,683 करोड़ रुपये है।

कोरोना का कहर : महंगाई पर सरकार ने पेश किए अधूरे आंकड़े, उत्पादन में भारी गिरावट

English summary

Sugar can become expensive soon know how much the price may increase

A committee of higher officials has also given a green signal to increase in sugar prices by Rs 2 per kg. Let us know what is the reason for this possible increase in sugar prices.
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