आज हम जिनकी कहानी लेकर आए हैं, उनकी ये डिंक्र आपने कभी ना कभी तो पी होगी. इस बिजनेस को सौरभ मुंजाल, सौरभ भुटना और निखिल डोडा ने एक साथ शुरु किया था. इसे आज देसी हेल्दी ड्रिंक की कैटेगरी में रखा गया है. ये देसी ड्रिंक किसी भी कोल्ड ड्रिंक का बेहतरीन विकल्प है. इसके साथ ही ये एक हल्दी ड्रिंक है.

हम बात कर रहे हैं लाहौरी जीरा की. लाहौरी जीरा को आज वृद्ध से लेकर बच्चे तक पसंद करता है. आज हर दिन लाहौरी जीरा के 20 लाख बोतल बनाए जाते हैं. लाहौरी जीरा के मालिक अब 1000 करोड़ का बिजनेस बनाना चाहते हैं.
ऐसे की बिजनेस की शुरुआत
लाहौरी जीरा की कहानी निखिल के घर से हुई. उन्होंने अपने घर में जीरा डिंक्र बनाया था. उनके इस जीरा डिंक्र को सौरभ मुंजाल और सौरभ भुटना द्वारा चखा. जब उन्होंने इस जीरा डिंक्र का पीया, तो उन्हें एहसास हुआ की इससे एक बिजनेस की शुरुआत की जा सकती है.
यह एक बेहतरीन बिजनेस आइडिया होगा. उन्होंने ये भी देखा की मार्केट में नैचुरल ड्रिंक की कमी है.इसलिए उन्होंने डिमांड को देखते हुए लाहौरी जीरा बिजनेस की शुरुआत की.
इसका का ये अनोखा नाम अर्थ को समझाता है. लाहौरी जीरा का नाम इसमें इस्तेमाल होने वाला है, सेंधा नामक से लिया गया है. इस ड्रिंक में सेंधा नमक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है.
सेंधा नमक लाहौरी शब्द से जुड़ा है. इसमें अल्कोहल का इस्तेमाल नहीं किया जता है. इस जीरा ड्रिंक के लिए बोतल बनाने के लिए ऑटोमैटिक प्रोसेस से बोतल की पैकेजिंग की जाती है. इस ऑटोमैटिक प्रोसेस के जरिए कंपनी के लोग ज्यादा से ज्यादा बोतल बना सकते हैं.
लौहरी जीरा को पहले देश के कुछ ही राज्यों में शुरू किया गया था. लाहौरी जीरा की शुरुआत पहले पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हुई थी. जिसके बाद 2022 में ये देश के अन्य 8 राज्यों में शुरू किया गया था. आज कंपनी के पास 500 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर है.
आज उनकी ये डिंक्र नींबू, कच्चा आम, शिकंजी और इमली की स्वाद में भी आने लगा है. वहीं 2022 में कंपनी ने 250 करोड़ का रेवेन्यू कमाया था.


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