नई दिल्ली, जून 26। अकसर लोग अपनी किस्मत और गरीबी के कारण कई चीजों में पीछे रह जाते हैं। मगर कुछ लोग इन दोनों चीजों को भी पीछे छोड़ देते हैं। ये वो लोग होते हैं जो अपने जुनून के कारण तरक्की हासिल करते हैं। कुछ ऐसा ही किया है बिहार के छपरा जिले के एक छोटे से गांव बनसोही के रहने वाले एक व्यक्ति ने, जिनकी आयु केवल 25 साल है। मगर वे गरीबी से निकल एक ऑनलाइन काम से आज करोड़पति बन गए। ये कहानी है बनसोही के विकास कुमार की। आगे जानिए पूरी डिटेल।
कैसे बने करोड़पति
विकास ने ब्लॉगिंग की और इसी के सहारे करोड़पति बन गये। विकास ने बीटेक किया। एशियानेट की रिपोर्ट के अनुसार विकास ने एक दावा किया है। दावा यह है कि उन्होंने न तो कभी नौकरी की और न आगे करेंगे। उन्होंने एक यू-ट्यूब चैनल को इंटरव्यू दिया, जिसमें बताया कि उन्होंने एक ब्लॉगिंग वेबसाइट बनायी। उन्होंने कुछ समय इस वेबसाइट को बेचा और इसके बदले 1.5 करोड़ रु हासिल किए। ये काम कोई अन्य व्यक्ति भी कर सकता है। अब विकास एप डेवलपमेंट कर रहे हैं।
घर के हालात रहे कमजोर
विकास के अनुसार उनके घर की आर्थिक हालत काफी कमजोर थी। यहां तक कि उनकी शुरुआती पढ़ाई के लिए भी विकास के पिता को कर्ज लेना पड़ा। फिर एजुकेशन लोन से विकास बीटेक करने में कामयाब रहे। विकास के अनुसार बीटेक थर्ड सेमेस्टर में उन्होंने आर्टिकल राइटिंग शुरू किया और उसी से पैसे कमाने लगे। वह अपना खर्च इस तरह निकाल पा रहे थे।
आया ब्लॉगिंग का आइडिया
आर्टिकल राइटिंग करते करते उनके दिमाग में ब्लॉगिंग की बात आई। बस फिर क्या था, वे उसी में जुट गए। फिर ब्लॉग से 1 करोड़ रु से अधिक कमाए। अब गांव में उनका अपना एक आलीशान मकान है। आज वे काफी शानदार लाइफ जी रहे हैं।
पैसा कमाने का जुनून
जैसा कि हमने ऊपर जिक्र किया कि अकसर लोग अपने जुनून के दम पर गरीबी और किस्मत को भी पीछे छोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही विकास ने किया। बीटेक के दौरान ही उनके दिमाग में पैसे कमाने का जुनून आ गया था। वे अच्छी इनकम करने पर फोकस करते थे। मगर हैरानी की बात यह है कि वे शुरू में उन्हें ऑनलाइन कमाई पर भरोसा ही नहीं करते थे। पर उनके एक दोस्त ने उन्हें सलाह दी। साथ ही उनके मित्र ने उन्हें गूगल एडसेंस से अपनी 4 हजार डॉलर की कमाई दिखाई। इससे विकास को भरोसा हुआ और वे ब्लॉगिंग करने लगे। ये बात 2014 की है।
कैसा था ब्लॉग
विकास हर उस बात को बेहिचक पूते हैं, जिसके बारे में वो नहीं जानते। शुरुआत में वे इवेंट ब्लॉगिंग करते थे, मगर कंपटीशन बढ़ने पर उन्होंने अपना ब्लॉग बनाया। ये एक माइक्रो निश ब्लॉग (किसी भी एक खास विषय या टॉपिक पर ब्लॉक बनाने पर उसे निश ब्लॉग कहा जाता है) था। नये ब्लॉग के साथ ही उन्होंने कभी नौकरी न करने का मन बना लिया था। वे उससे अच्छी कमाई कर रहे थे। फिर दिसंबर 2019 में आखिरकार उन्होंने अपना ब्लॉग बेच दिया। इससे उन्हें 1 करोड़ 64 लाख रु मिले।


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