Success Story : कामयाबी यूं ही नहीं मिलती, बल्कि इसे हासिल करने के लिए काफी मेहनत करनी होती है। साथ ही आपको एक बढ़िया आइडिया चाहिए, जो आपको कामयाबी दे। जैसा कि भारती विद्यापीठ पश्चिम विहार से 13 साल पहले ग्रेजुएशन करने वाले वंजुल चोपड़ा ने किया है। उन्होंने ग्रेजुएशन करने के लिए एमबीए में एडमिशन लेना चाहा। मगर उन्हें कामयाबी नहीं मिली। फिर उन्होंने कोरेस्पोंडेंस से एमबीए किया। फिर उन्होंने बिजनेस में हाथ आजमाने के लिए मोबाइल एक्सेसरीज को चुना। 2012 में दो लाख रु लगा कर उन्होंने इसकी शुरुआत की। मगर आज उनका कारोबार किसी और चीज का है, जो करीब 100 करोड़ रु के टर्नओवर का हो गया है।
क्या है बिजनेस
वंजुल बिजनेस के मौके की तलाश में थे। इसके लिए वे लोगों से मिल रहे थे। इसी कड़ी में अपने चाचा और कुछ दोस्तों के साथ चीन गए। मगर जब वे चीन से वापस आ रहे थे तो उनकी फ्लाइट एक दिन लेट हो गई। फिर क्या था, वंजुल और उनके साथियों ने वहीं के बाजारों में टहलना शुरू कर दिया। इसी दौरान वे सीसीटीवी कैमरे के बाजार में गए।
सीसीटीवी कैमरे का बिजनेस
उन्होंने अलग-अलग तरह के सीसीटीवी कैमरे की तरह-तरह की जानकारी हासिल की। इनमें रिकॉर्डर, केबल, प्लग और एक्सेसरीज़ आदि शामिल हैं। फिर उन्होंने सीसीटीवी का काम शुरू करने के बारे में सोचा। वंजुल और उनके दोस्तों ने जो जानकारी जुटाई, उससे वे चीन से कैमरे की कारोबारी संभावनाओं पर विचार करने लगे। इतना ही नहीं वे अपने साथ पहली बार में 50 कैमरे खरीद लाए।
वंजुल की कंपनी ने की नयी शुरुआत
वंजुल और उनके साथ ही भारत लौटे। फिर इस बिजनेस पर चर्चा शुरू की। बता दें कि तब सीसीटीवी कैमरे के विजुअल मोबाइल पर नहीं देखे जा सकते थे। पहली बार वंजुल ने भारत में इस सर्विस की शुरुआत की। फिर बुलेट कैमरे, डोम कैमरे आदि पेश किए गए।
चीन से बिजनेस करते
इस समय बहुत से कारोबारी सीधे चीन से बिजनेस कर रहे हैं। इसीलिए समय के साथ प्रतियोगिता भी खूब बढ़ी है। वंजुल की कंपनी का नाम है ब्लूआई। ब्लूआई ने चीन से फिनिश्ड प्रोडक्ट नहीं मंगाए। बल्कि पार्ट्स मंगाए। इससे वे कस्टम ड्यूटी से बच गए। वंजुल को पांच फीसदी की बचत हुई। इस सेगमेंट में प्रोडक्ट के स्पेयर एसेंबल करने वाली ब्लूआई भारत की पहली कंपनी है। देश भर के लोग सीसीटीवी पार्ट्स खरीदते हैं।
कितना पहुंचा कारोबार
ब्लूआई सबसे पहले 4जी सिम वाला राउटर पेश करने वाली भी कंपनी है। कंपनी ने अलार्म वाला लॉक भी पेश किया। वैसे तो ब्लूआई 2005 में शुरू हुई थी, मगर ये 2012-13 तक ही पूरी तरह अस्तित्व में आई। अब इसके प्रोडक्ट्स में सीसीटीवी, मोबाइल एक्सेसरीज़, होम अप्लायन्सेस और कार एक्सेसरीज़ शामिल हैं। आज के समय में इसका कारोबार 100 करोड़ रु के करीब है। वंजुल के मुताबिक सीसीटीवी मार्केट काफी खाली है। इसमें कारोबार की काफी संभावना है। ब्लू आई के बिजनेस में मोबाइल एक्सेसरीज़ की भी काफी हिस्सेदारी है। ब्लूआई आज के समय में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, यूपी और छत्तीसगढ़ में काफी जाना-पहचाना नाम बन गया है। ब्लूआई में 400 लोग काम कर रहे हैं।
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