Black Turmeric Cultivation : भारत में एक खास किस्म का काला सोना यानी ब्लैक गोल्ड कुछ लोग को मालामाल बना रहा है। ये ब्लैक गोल्ड है काली हल्दी और इससे मालामाल बनने वाले लोग हैं किसान। बुंदेलखंड (यूपी और एमपी का कुछ क्षेत्र) में इस काले सोने की खेती काफी की जा रही है और वहां इसकी फसल हर तरफ लहलहा रही है। एमपी के जिन क्षेत्रों के किसान काली हल्दी से अमीर बन रहे हैं, उनमें सागर, टीकमगढ़ और यूपी के झांसी, महोबा आदि शामिल हैं। ये किसान काली हल्दी की खेती से लखपति बन रहे हैं। यहां हम इन्हीं से एक किसान की स्टोरी आपके लिए लेकर आए हैं।
कहां होती है काली हल्दी की खेती
आम तौर पर काली हल्दी की खेती ठंडे इलाकों में होती है। ऐसे इलाकों में हिमालय के पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। मगर सागर, एमपी के रहने वाले युवा किसान आकाश चौरसिया ने काली हल्दी की खेती सागर सहित बुंदेलखंड में शुरू की। वे इससे काफी अच्छा पैसा भी कमा रहे हैं। काली हल्दी के साथ साथ आकाश सफेद और पीली हल्दी की भी खेती कर रहे हैं।
किस चीज में होता है काली हल्दी का इस्तेमाल
काली हल्दी का उपयोग कई घातक बीमारियों के इलाज में किया जाता है। इनमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी शामिल है। इसके अलावा भी ये दर्जनों अन्य बीमारियों के इलाज में काम आती है। आकाश की पहचान परंपरागत खेती के अलावा जैविक खेती, मल्टीलेयर फॉर्मिंग और साथ ही साथ गो-आधारित खेती के एक्सपर्ट के रूप में बन चुकी है।
कितनी की कमाई
आकाश ने बीते दो सालों में हल्दी बेच कर 20 लाख रु से अधिक की कमाई की है। बता दें कि उन्होंने ये कमाई 5 एकड़ खेत से की है। खुद हल्दी से कमाई करने के साथ साथ वे मप्र और यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र में अन्य किसानों को इस तरह की हल्दी की खेती के बारे में जानकारी दे रहे हैं और सिखा रहे हैं। अहम बात यह है कि परंपरागत खेती के मुकाबले काली, सफेद और पीली हल्दी की फसल आकाश को ज्यादा कमाई करवा रही है। ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही हैं।
देखरेख कम और मुनाफा ज्यादा
हल्दी में कम देख-रेख करनी होती है। वहीं मुनाफा ज्यादा है। आकाश के अनुसार चार साल पहले पीली हल्दी की फसल से उन्होंने शुरुआत की थी। उसमें मुनाफा अधिक हुआ तो उन्होंने खेती का क्षेत्र दो गुना कर दिया। इससे अन्य किसानों भी हल्दी की खेती के लिए प्रेरित हुए हैं। सागर के करीबी इलाकों, टीकमगढ़ यूपी के झांसी और महोबा में बहुत से किसान हैं, जो जैविक खेती शुरू कर रहे हैं। वे अब हल्दी की खेती पर भी ध्यान दे रहे हैं।
क्या है रेट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काली हल्दी डेढ़ हजार रु प्रति किलो तक की कीमत पर बिकती है। वहीं इसका पाउडर 4 हजार रु प्रति किलो तक बिक सकता है। इसी तरह सफेद हल्दी भी अच्छे रेट पर बिकती है। इसी तरह पीली हल्दी (गीली) 40 रु प्रति किलो तक बिकती है। मगर इसका पाउडर 400 रु प्रति किलो तक में बिकता है।


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