
Success Story : आज के समय में देश में और दुनिया में बर्गर के काफी अधिक ब्रांड है। लेकिन अगर हम भारतीय ब्रांड की बात करें, तो फिर यह काफी कम है। आज हम जिस ब्रांड की बात कर रहे है। यह ब्रांड न केवल देश में बल्कि लंदन में काफी अधिक स्वाद की धूम मचा दिया है। कबीर जीत सिंह जिन्होंने ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है। इन्होंने पहले ही अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच लिया था। कबीर जीत सिंह ने उसी लक्ष्य पर फोकस किया और कबीर ने कई सारी नौकरियां भी की। आज कबीर जीत सिंह के द्वारा बनाया गया। जो बर्गर है। यह बर्गर सिंह लगभग हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आ रहा है, तो आइए जानते है इनके बारे में।
कबीर जीत सिंह कौन है
एक आर्मी परिवार में कबीर जीत सिंह का जन्म हुआ था। कबीर के पिता चाहते थे। कि कबीर भी सेना में भर्ती हो और देश की सेवा करें। लेकिन कबीर बचपन से कुछ अलग करना चाहते थे। कबीर ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की इसके बाद वह कुछ जगह जॉब भी किया। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए।
बर्गर सिंह का नाम क्यों अपनाया
अपनी एमबीए की पढ़ाई करने के लिए कबीर वर्ष 2007 में ब्रिटेन चले गए थे। कबीर वह पर भी अपना खर्चा निकालने के लिए एक बार फिर काम पर लग गए। इतना ही नहीं कबीर वीकेंड पर एक बर्गर कंपनी में नाईट शिफ्ट करने लगे। जब कबीर उस बर्गर कंपनी में काम करते थे। तब वे जब पूरा काम कर लेते थे। इसके बाद उनको एक बर्गर खाने को मिलता था। कबीर एक भारतीय थे। इस वजह से उनको बिना मसाले वाला बर्गर पसंद नहीं आता था। तब उन्होंने खुद के एक भारतीय मसालों के साथ बर्गर बनाया। वह बर्गर उनका उनके साथ काम करने वाले लोगों को काफी अधिक पसंद आया इसके साथ ही वहां के जो मालिक थे। उनको भी इस बर्गर को काफी पसंद किया।तबसे मालिक ने वीकेंड पर कबीर को बर्गर को मेनू में शामिल करने का फैसला किया। यह धीरे-धीरे जो ब्रिटेन के लोग थे। उनको कबीर का बर्गर काफी अधिक पसंद आने लगा। इसी वर्ग के वजह से कबीर वहां पर काफी अधिक सहमत हो गए और वहां के अंग्रेजों ने कबीर के बर्गर को बर्गर सिंह नाम दिया।
इस तरह हुई बर्गर सिंह की शुरुआत
जब कबीर ने अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी कर ली थी। उसके बाद कबीर ने अफ्रीका की एक कंपनी को ज्वाइन किया। उस अफ्रीकी कंपनी ने फूड एंड बेवरेज से जुड़ा एक वेंचर शुरू किया था। जिसके लिए कबीर को अफ्रिका भेजा गया था। वहां पर कबीर ने मार्केटिंग ब्रांड इन सप्लाई चैन आदि का एक्सपीरियंस लिया और यही एक्सपीरियंस कबीर को बर्गर सिंह के लिए काफी अधिक काम आया। देश में वापस आने के बाद कबीर ने कुछ दिन काम किया। उसके बाद उनके दिमाग में बर्गर सिंह शुरू करने का आईडिया आया। इसके बाद कबीर ने सिर्फ वही नौकरी की जो बर्गर सिंह को शुरू करने के लिए काफी काम आए। कबीर ने बर्गर सिंह की शुरुआत वर्ष 2014 में की। कबीर ने 30 लाख रु के निवेश के साथ गुरुग्राम में 98 वर्ग फुट की जगह में बर्गर सिंह का पहला आउटलेट खोला। अपने अनोखे स्वाद के वजह से आज 14 राज्यों में 100 से अधिक बर्गर सिंह के आउटलेट है। बर्गर सिंह की शुरुआत केवल 30 लाख रु से हुई थी और आज यहां 60 करोड़ का मल्टीसिटी चैन बन चुका है।


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