नई दिल्ली, मई 13। अगर आप कुछ नया और अलग करना चाहते हैं तो फिर आपको अलग सोचना भी होगा। सोच से ही आपको कुछ नया करने की प्रेरणा मिलेगी। ऐसे बहुत से लोग हैं, जो एक नये कारोबार या समाज के लिए योगदान देने के लिए कुछ नया सोचते हैं और फिर अपने आइडिया के दम पर कामयाबी हासिल करते हैं। कुछ ऐसा ही किया है हरियाणा के एक व्यक्ति ने। उन्होंने एक ऑनलाइन स्कूल की शुरुआत की। मगर इसके लिए उन्होंने अपनी अच्छी खासी विदेशी नौकरी को छोड़ दिया। आज उनके स्टार्टअप का टर्नओवर करोड़ों में है। आइए जानते हैं पूरी कहानी।
कैसे हुई शुरुआत
ये कहानी है अंबाला, हरियाणा के तरुण सैनी की। तरुण एक किसान परिवार में जन्मे और स्कूल शिक्षा अपने गांव में हासिल की। तरुण की किस्मत अच्छी थी कि उन्हें स्कॉलरशिप मिली और उन्हें ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका मिला। शुरुआत में 4 साल तक वहां वे सेल्समैन का काम करते रहे। पर फिर वहां की सरकार के एजुकेशन प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका मिला। मगर उन्हें वहां नहीं रुकना था तो इसलिए भारत वापस आ गए और यहां आकर ऑनलाइन स्कूल की शुरुआत की।
कैसा है ऑनलाइन स्कूल
तरुण का एक ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म है, जिस पर छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा लोकल भाषा में शिक्षा दी जाती है। इस समय तरुण के ऑनलाइन स्कूल के 8 लाख लाइव स्टूडेंट्स हैं। वहीं उनके सब्सक्राइबर्स की संख्या 40 लाख से भी ज्यादा है। कारोबारी लिहाज से भी तरुण ने काफी कामयाबी हासिल की। उनके ऑनलाइन स्कूल का टर्नओवर 5 करोड़ रु हो गया है।
क्यों शुरू किया ऑनलाइन स्कूल
अकसर कुछ लोग जिस समस्या से खुद दो-चार होते है उसी समस्या से दूसरों को जूझते देखना पसंद नहीं करते। तरुण भी ऐसे लोगों में से रहे। तरुण के अनुसार उनके बचपन में उन्हें करीब में कोई अच्छे टीचर नहीं मिले। उन्हें पढ़ाई के लिए कई किलोमीटर जाना पड़ता है। सुबह निकलने पर वे शाम तक ही घर लौट पाते थे। ऑस्ट्रेलिया से गांव लौटने पर उन्होंने देखा कि हालात जस के तस हैं। इसलिए उन्होंने ऑनलाइन स्कूल से छात्रों की मदद करने की सोची।
एक ही प्लेटफॉर्म पर हर तरह की शिक्षा
एक और चीज तरुण ने नोटिस की थी, कि जितने सबजेक्ट होते हैं बच्चों को उतने ही टीचरों के पास जाना पड़ता है। इसलिए उन्होंने एक ही प्लेटफॉर्म पर सारे सबजेक्ट की एजुकेशन देने का फैसला किया, जो छात्रों के लिए काफी सुविधाजनक है। उनके ऑनलाइन स्कूल का नाम विद्याकुल है। विद्याकुल की शुरुआत से पहले उन्होंने अपने साथियों के साथ गांव-गांव घूम-घूम कर जानकारी भी जुटाई।
लॉन्च किया ऐप
2019 में तरुण और उनकी टीम ने एक सिस्टम के साथ पढ़ाई करानी शुरू की। फिर पिछले साल 2020 में उन्होंने अपनी ऐप भी लॉन्च की। वे देश के 10 राज्यों के छात्रों को संभाल रहे हैं। जहां तक फीस का सवाल है तो उनके यहां अधिकतर कोर्सेज फ्री हैं। जबकि कुछ कोर्सेज की फीस 200-250 रु है। अहम बात यह है कि उनका असल मकसद पैसा कमाना नहीं है। मगर फिर भी उनके स्टार्टअप को काफी कामयाबी मिली है।
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