Success Story : बिजनेस के लिए छोड़ा IAS का पद, फिर बना 14000 करोड़ रु का मालिक

नई दिल्ली, सितंबर 14। कामयाबी की परिभाषा आपके लिए क्या है? डॉक्टर या आईएएस-आईपीएस बनना? कुछ लोग इंजीनियर या विदेश में नौकरी को कामयाबी कह सकते हैं। मगर कुछ लोगों के लिए इसका मतलब बिल्कुल अलग होता है। कामयाबी उनके सपने या किसी मिशन से जुड़ी होती है। ऐसे लोगों का सपना आत्मसंतुष्टि से भी जुड़ा हो सकता है। आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपनी मर्जी की कमयाबी हासिल करने के लिए आईएएस जैसा पद छोड़ दिया।

बनाई 14000 करोड़ रु की कंपनी

बनाई 14000 करोड़ रु की कंपनी

ये कहानी है रोमन सैनी की, जिन्होंने आईएएस जैसा पद छोड़ कर करीब 14831 करोड़ रु की वैल्यू वाली अनअकेडमी कंपनी बनाई है। आप कोचिंग क्लासेज के बारे में थोड़ा भी जानते हैं तो आपने अनअकेडमी का नाम जरूर सुना होगा। इस कंपनी के पीछे रोमन सैनी का सपना था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने आईएएस की नौकरी छोड़ कर करीब 7 साल पहले ये कंपनी बनाई।

राजस्थान से हैं सैनी

राजस्थान से हैं सैनी

सैनी राजस्थान के कोटपुतली तहसील के गांव रायकरनपुर से आते हैं। उनकी मां गृहिणी और पिता एक इंजीनियर हैं। स्कूली शिक्षा राजस्थान बोर्ड से पूरी करने के बाद रोमन सैनी ने एम्स की प्रवेश परीक्षा पास करने में कामयाबी हासिल की। फिर दिल्ली से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद वे एनडीडीटीसी में बतौर जूनियर रेजिडेंट काम करने लगे। मगर उनका सपना कुछ और ही था।

बेहद कम आयु में बने आईएएस

बेहद कम आयु में बने आईएएस

आपको जानकर हैरानी हो सकती है वे 23 साल की उम्र में आईएएस बन गए थे। एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षी की तैयारी शुरू की और आईएएस बन गए। सैनी ने ऐसे ही आईएएस की परीक्षा पास नहीं की थी। बल्कि देश में उनकी 18वीं रैंक थी। पर वे इस पद के लिए मानो नहीं बने थे। असल में बतौर डॉक्टर उनके दिमाग गरीब बच्चों की मदद करना था।

दूर करना चाहते थे समस्या

दूर करना चाहते थे समस्या

सैनी 2011 में एक डॉक्टर के रूप में काम कर रहे थे। तब वे कुछ मेडिकल कैंप में गये और पाया कि गरीब लोग बहुत परेशान हैं। वे सेहत, साफ-सफाई और पानी की समस्या के बारे में जागरूक नहीं हैं। डॉक्टर रहते वे इन समस्या को दूर नहीं कर पाते। इसीलिए वे इन दिक्कतों को दूर करने के लिए सिविल सेवा में गए।

फिर आया नया मोड़

फिर आया नया मोड़

कुछ समय बाद रोमन ने आईएएस की नौकरी भी छोड़ने का फैसला किया। वे युवाओं को बेहतर शिक्षा देना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अनअकेडमी की शुरुआत की। बेंगलुरु में हेडक्वार्टर वाली अनअकेडमी असल में एक ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म है। इस पर 35 अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाती है, जिसमें आईएएस भी शामिल है। आप यू-ट्यूब और ऐप के जरिए अनएकेडमी को एक्सेस कर सकते हैं। ये आज के समय में युवाओं के बीच काफी पॉपुलर हो चुकी है।

क्यों की अनअकेडमी की शुरुआत

क्यों की अनअकेडमी की शुरुआत

रोमन का आईएएस बन कर भी मन नहीं लगा। उन्हें दिख गया था कि देश में कुछ बच्चे पढ़ने में अच्छे हैं, पर मार्गदर्शन न होने की वजह से वे प्रतियोगी परीक्षा क्रेक नहीं कर पाते। इसीलिए रोमन ने फ्री ऑनलाइन कोचिंग के जरिये युवाओं की मदद करने का फैसला किया। इसी से अनअकेडमी की शुरुआत हुई, जो आज हजारों करोड़ रु की वैल्यू वाली कंपनी है।

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