Success Story : कभी पास नहीं थे 10 रुपये, आज बांट रही है नौकरी
Success Story

Success Story : आज हम आपको जिस महिला की सफलता की कहानी बताने जा रहे है उसका नाम रूमा देवी है। ये महिला राजस्थान के एक छोटे से गांव की रहने वाले है। अत्यधिक गरीबी में पली-बढ़ी रूमा देवी को कई सारी समस्या का सामना पड़ा। रूमा देवी को बाल विवाह सहित कई सारे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। एक वक्त था जब उन्हें पैसों का लालच था। लेकिन इन सब के बावजूद, उनमें एक बात समान थी और उनकी उनकी दृढ़ता, जिसने उनके सफलता को पाने में सक्षम बनाया, तो फिर चलिए जानते है इनके बारे में।

बचपन में हो गया था विवाह

बचपन में हो गया था विवाह

रूमा देवी राजस्थान के बाड़मेर जिले की रहने वाली है। रूमा देवी का बचपन गरीबी और अभाव में बीता। इतना ही नहीं रूमा देवी को बाल विवाह की कुप्रथा का खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ा, रूमा में बचने में कई सारे सपनों को देखा था। मगर लेकिन बचपन में ही उनका विवाह हो गया था। लेकिन उन्होंने खुद ही अपनी सफलता लिखी और सफलता को हासिल की।

हजारों महिलाओं को रोजगार दिया है

हजारों महिलाओं को रोजगार दिया है

रुमाजी कई प्रकार के वस्त्र बनाने में माहिर हैं। जैसे- विभिन्न वस्त्र बनाने में माहिर हैं। इनके बनाएं वस्त्र देश में तो बिकते ही है साथ ही विदेशों में भी इनके वस्त्र काफी मशहूर हैं। आज के समय में उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा पर बाड़मेर, जैस्मेर और बीकानेर जिलों के करीब 75 गांवों की 22 महिलाओं को रोजगार देता है। महिला समूह के द्वारा उत्पादित उत्पादों को लंदन, जर्मनी, सिंगापुर और कोलंबो में फैशन वीक में भी प्रदर्शित किया गया है। मगर यह सब जो था बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने काफी अधिक मेहनत की है और तब ये मुकाम को हासिल किया है।

1988 में हुआ जन्म

1988 में हुआ जन्म

आज के समय में रूमा देवी हजारों महिलाओं का जीवन सुधार रही है। लेकिन तक पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं था। यह तक पहुंचने के लिए उनको कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वर्ष 1988 में राजस्थान के बाड़मेर के रावतसर जिले में रूमा का जन्म हुआ था। रूमा अपने परिवार के साथ एक रह रही थी। जब रूमा पांच साल की थी तब उनकी मां गुजर गई थी। रूमा अपने 7 बहनों और 1 भाई में से सबसे बड़ी है। बच्चों के देशभाल के लिए उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। लेकिन रूमा जो थी अपने चाचा के साथ रहने चली गई। रूमा को उसके चाचा ने पाला था। राजस्थान के बाड़मेर में पेयजल का एक बड़ी समस्या है। वहां पर वे पानी को लेने के लिए 10 किमी दूर बैलगाड़ी से पानी लाती थी।

17 वर्ष की आयु में विवाह हो गया

17 वर्ष की आयु में रूमा देवी की का विवाह बाड़मेर जिले के मंगल बेरी गांव के टिकुराम नाम के व्यक्ति से हुई थी। टीकाराम जोधपुर के नशा मुक्ति संस्थान में सह कार्यकर्ता के तौर पर काम करते हैं। उनका एक बेटा है जिसका नाम लक्ष्य है लक्ष्य अभी स्कूल में है। रूमा का जो सारा बचपन था। वो उन्होंने रावतसर की झोपड़ियों में बिताया है। लेकिन अब उन्होंने जो बाड़मेर जिला हैं। वहां पर कई सारे घर बना लिए है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+