नई दिल्ली, अगस्त 30। स्पाइसजेट कंपनी इस समय देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी है। स्पाइस जेट प्रतिदिन लगभग 630 उड़ाने संचालित करती है। इसमें अधिकतम उड़ाने देश के अंदर की ही होती है। स्पाइसजेट ने लगभग देश के अंदर की उड़ानों के एक बड़े बाजार में कब्जा कर लिया है तो चलिए आज हम जानते है स्पाइसजेट एयरलाइन कंपनी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।
स्पाइसजेट का इतिहास क्या है
वर्ष 1984 से स्पाइसजेट का इतिहास शुरू होता है भारतीय उद्योगपति एस के मोदी ने इसी वर्ष देश के अंदर निजी एयर टैक्सी की शुरुआत की। उसके बाद वर्ष 1993 में इसका नाम बदलकर एमजी एक्सप्रेस रखा गया। उसके बाद उन्होंने जर्मनी कंपनी लुफ्थांसा से हाथ मिलाया और तकनीकों की साझा करी। उन्होंने फिर दोनों कंपनी को मिला कर कंपनी का नाम मोदीलुफ्ट रख दिया गया।
किस तरह शुरू हुई स्पाइसजेट
मोदीलुफ्त अपनी जगह चल रही थी। मगर अजय सिंह ने वर्ष 2004 में अपनी कंपनी का अधिग्रहण कर इसका नाम स्पाइसजेट रख दिया। अजय सिंह ने स्पाइसजेट का टिकट की कीमत कम रखा क्योंकि आम आदमी का जहाज में बैठना आसान नहीं था। उस समय टिकट बहुत महंगे आते थे। उसके बाद स्पाइस जेट का व्यापार तेजी से बढने लगा।
वर्ष 2010 में हुआ था बड़ा निवेश
स्पाइसजेट मार्केट हिस्सेदारी के हिसाब से जुलाई 2008 तक तीसरी सबसे कम लागत वाली कंपनी थी। फिर वर्ष 2010 में कंपनी के पास एक सबसे बड़ा निवेश आया था। कलानिधि मारन ने सन ग्रुप के जरिए इसी वर्ष 37.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी खरीदी थी। जिससे स्पाइसजेट को नए विमान खरीदने के पैसे मिले थे।
कौन हैं स्पाइसजेट का मालिक
कंपनी के अंदर अपनी एक बड़ी हिस्सेदारी रखने वाला व्यक्ति ही हमेशा कंपनी का मालिक होता है। कंपनी के निर्णय लेने की जिम्मेदारी भी उसी के पास होती है। वर्ष 2004 से अभी तक कंपनी को अजय सिंह ही संभाल रहे है। स्पाइसजेट को शुरू करने और संभालने वाले व्यक्ति अजय सिंह ही है।


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