नई दिल्ली, अगस्त 28। किसी प्रोडक्ट को मार्केट में लॉन्च करने से लेकर लोगो के घरों तक पहुंचाने का सफर बेहद ही कठिन रास्तों से होकर गुजरता है। आज हम जिस प्रोडक्ट की सफलता की कहानी के बारे में बताने वालें है। उस प्रोडक्ट को आपने कभी न कभी इस्तेमाल तो किया ही होगा और इस्तेमाल नहीं भी किया। मगर आपके घर में कोई न कोई उस प्रोडक्ट को इस्तेमाल जरूर ही करता होगा। जी हा आज हम बात कर रहे है मामाअर्थ की तो चलिए जानते है इसके सफलता की पीछे की कहानी।
वर्ष 2016 में हुई मामा अर्थ की शुरुवात
बहुत से छोटे बच्चे के प्रोडक्ट को लेकर लोगो के मन में विश्वास को कमी को देखकर वर्ष 2016 में गुरुग्राम में रहने वाले वरुण और गजल अलख ने एक सुरक्षित और विश्वसनीय बेबी केयर ब्रांड मामा अर्थ की शुरुवात की। कोका कोला कंपनी में वर्ष 2014 में मार्केटिंग की नौकरी करते हुए वरुण अलख ने मामा अर्थ में अपने पिछले 10 वर्षो का अनुभव का उपयोग किया। वरुण और गजल ने अपने बच्चे के लिए बहुत से बेबी केयर प्रोडक्ट की रिसर्च करी उन्हें बेबी केयर प्रोडक्ट में नुकसानदायक पदार्थो का उपयोग उन्हे बेहद ही परेशान किया। फिर इसी समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने मामा अर्थ की शुरुवात की।
25 लाख के निवेश से शुरू किया व्यापार
उन्होंने बच्चो के लिए एक विश्वसनीय बेबी केयर उत्पाद बनाने के उद्देश्य से मामा अर्थ को शुरू किया। उन्होंने मामा अर्थ को शुरू करने के लिए 25 लाख रुपयों का निवेश किया। इसमें एक खास बात ये थी कि इनकी कंपनी की एक शोध प्रयोगशाला थी।
कंपनी का रेवेन्यू 100 करोड़ से भी अधिक का
जब ये कंपनी शुरू हुई थी। तभी इन्होंने अपने प्रोडक्ट की पहचान ऑनलाइन में काफी ज्यादा बना ली थी। अभी ब्रांड ऑनलाइन के माध्यम से 300 से ज्यादा शहर में 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों के पास अपनी पहुंच बना ली है। इस कंपनी ने 100 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू को भी पार कर लिया है। मामा अर्थ में अब पुरुषों और महिलाओं के लिए भी बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स आ गए है। नेचुरल प्रोडक्ट की मांग बढ़ रही है। इसके साथ कंपनी भी अपने प्रोडक्ट की रेंज को बढ़ा रही है।


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