Forex : कच्चे तेल और कमोडिटी की प्राइस में नरमी और फेड की कम तेजी की वजह से रूपये पर दबाव की कमी है। उसके बीच भारत का जो विदेशी मुद्रा भंडार है वो दूसरे सप्ताह में बढ़ा हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तरफ से आज आंकड़े जारी किए गए आज जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था का जो विदेशी मुद्रा भंडार है। वो 18 नवंबर को समाप्त सप्ताह है वो 2.54 अरब डॉलर बढ़कर 547.25 अरब डॉलर हो गया।

विदेशी मुद्रा एसेस्ट 1.76 अरब डॉलर बढ़ा है
आरबीआई की तरफ से जारी किए गए साप्ताहिक सांख्यिकीय अनुपूरक है। उसके मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में जो वृद्धि हुई हैं। विदेशी मुद्रा एसेस्ट (एफसीए) में फायदे के लिए वजह बताया जा सकता है। यह जो है संग्रह भंडार का एक प्रमुख घटक है। 18 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह है। उसमे विदेशी मुद्रा एसेस्ट है वो 1.76 अरब डॉलर बढ़ा है और यह बढ़कर 484.29 अरब डॉलर हो गई है। वही अगर हम स्वर्ण भंडार की बात करते है तो फिर वो 31.5 करोड़ डॉलर बढ़ा हैं और यह बढ़कर 40.01 अरब डॉलर हो गया है।

रुपया 1.1 प्रतिशत गिरा गया है
डॉलर के संदर्भ में व्यक्त, एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार रखे हुए हैं। उसमें यूरो , पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों की सराहना या मूल्यह्रास का प्रभाव होता है। वही अगर हम 18 नवंबर को समाप्त सप्ताह के लिए, रूपये की बात करते है, तो फिर रुपया 1.1 प्रतिशत गिरा गया हैं। आज रुपया की बात करते है, तो फिर यह 81.6850 प्रति गिरकर अमेरिकी डॉलर हो गया।
विदेशी मुद्रा खरीद के अनुमानित 8 बिलियन डॉलर के प्रभाव को दर्शाता है
11 नवंबर को जो समाप्त था। उसमें विदेशी मुद्रा भंडार भरी वृद्धि हुई थी। जो अगस्त महीना था उसके बाद का सबसे बड़ी छलांग थी। जो कि स्थानीय के लिए बढ़ती वैश्विक भूख है उसके बीच केंद्रीय बैंक की तरफ से जो विदेशी मुद्रा खरीद के अनुमानित 8 बिलियन डॉलर के प्रभाव को दर्शाता है।


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