नई दिल्ली, जून 28। कई लोग वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को बहुत अहम मानते हैं। इसके लिए ऐसे लोग ज्योतिष तक की सलाह लेते हैं कि उन्हें गाड़ी का नंबर कैसा और क्या रखना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ अन्य केवल फैंसी नंबर तलाश करते हैं। आपको बता दें कि इस तरह के यूनीक नंबर अक्सर आरटीओ नीलामी पेश करता है। उच्चतम बोली लगाने वाले को यह नंबर बेच दिया जाता है। मालूम हो कि यह चलन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। इसी तरह का एक मामला यूनाइटेड किंगडम से सामने आया है। वहां एक व्यक्ति ने गाड़ी के नंबर पर मोटा पैसा खर्च किया है। ये रकम बहुत भारी है। आइए जानते हैं इस नंबर और इसकी कीमत के बारे में।
क्यों है इतना महंगा नंबर
यूनाइटेड किंगडम में एफ1 रजिस्ट्रेशन प्लेट हमेशा डिमांड में रहती है। ऐसी नंबर प्लेट वाहन मालिकों के बीच वहां काफी लोकप्रिय रहती हैं। असल में ऐसी नंबर प्लेट को मर्सिडीज-मैकलैरेन एसएलआर और बुगाटी वेयरॉन जैसी कई हाई-एंड परफॉर्मेंस कारों पर देखा गया है। एफ1 नंबर प्लेट फॉर्मूला 1 का प्रतीक है और अधिकांश कार प्रेमी इसे जानते हैं।
यह भी है बड़ा कारण
एफ1 की लोकप्रियता पूरी दुनिया में है। यह दुनिया में सबसे पसंदीदा मोटरस्पोर्ट्स इवेंट में से एक है। मगर अभी भी सवाल तो बनता है कि यह एफ1 पंजीकरण प्लेट इतनी महंगी क्यों है। इसका एक कारण यह भी है कि सामान्य रजिस्ट्रेशन के विपरीत, यूके सरकार पंजीकरण प्लेट पर किसी अन्य डिजिटल या अक्षर की अनुमति नहीं देती है। इसलिए भी लोग इसे काफी पसंद करते हैं।
सबसे छोटा रजिस्ट्रेशन नंबर
यह दुनिया में किसी वाहन के लिए सबसे छोटे रजिस्ट्रेशन संख्या में से एक है। एफ1 नंबर प्लेट पर मूल रूप से 1904 से ही एसेक्स सिटी काउंसिल का मालिकाना हक रहा। इस नंबर को पहली बार 2008 में नीलामी के लिए रखा गया। यह नंबर वर्तमान में यूके स्थित कान डिजाइन के मालिक अफजल खान के पास है। उन्होंने अपने बुगाटी वेरॉन के लिए इस नंबर को खरीदा और नंबर के लिए लगभग 132 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
बुगाटी वेरॉन
बुगाटी वेरॉन वास्तव में बहुत अधिक महंगी कार है। बुगाटी वेरॉन को किसी भी तरह से एक सस्ता वाहन नहीं कहा जा सकता है। बात करें रजिस्ट्रेशन नंबर की तो इसे पहली बार नीलामी में 4 करोड़ रुपये में बेचा गया था। इंफ्लेशन के साथ-साथ नंबर की डिमांड बढ़ी और नंबर की लागत में भी वृद्धि हुई। इस प्रोसेस में तेजी से बढ़ोतरी हुई।
और भी हैं महंगे नंबर
ऐसा पहली बार नहीं है जब सिर्फ एक रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए किसी ने बड़ी रकम का भुगतान किया हो। दुनिया में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, अबू धाबी में, एक भारतीय व्यवसायी ने एक रजिस्ट्रेशन नंबर खरीदा, जिस पर "डी5" लिखा हुआ था। यह एफ1 प्लेट जितना महंगा नहीं है लेकिन फिर भी उन्होंने करीब 67 करोड़ रुपये चुकाए। अबू धाबी के एक अन्य व्यवसायी ने 66 करोड़ रुपये का भुगतान करके केवल "1" का रजिस्ट्रेशन नंबर खरीदा।


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