नई दिल्ली, मार्च 19। बौद्ध भिक्षु बेहद सादा जीवन जीते हैं। वे दुनिया की मौह माया से दूर रहते हैं। पर थाईलैंड में एक अजीब वाकया सामने आया है, जहां एक बौद्ध भिक्षु ने एक बड़ी लॉटरी जीत ली। मगर उससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने ये सारा पैसा बांट दिया और अपने पास कुछ नहीं रखा। लोगों की लाइन लग गई उनसे पैसे लेने के लिए। आगे जानिए इन भिक्षु की कहानी।
4 करोड़ रुपये की लॉटरी
थाईलैंड के जिस बौद्ध भिक्षु की हम बात कर रहे हैं उनका नाम है फ्राक्रू फनोम। उन्होंने 2-4 लाख रु की नहीं बल्कि 4 करोड़ रुपये की लॉटरी जीती। फिर इसके बाद ये सारा पैसा लोगों को दान देना शुरू किया। रिपोर्ट्स के अनुसार इस बौद्ध भिक्षु ने जीत के पैसे को स्थानीय लोगों, दूसरे मंदिरों और विभिन्न संस्थाओं को दान करना शुरू कर दिया।
लग गई लोगों की लाइन
उत्तरी प्रांत नखोन फनोम के 47 वर्षीय साधु और भिक्षु एवं पुजारी फ्राक्रू फनोम वे शख्स हैं, जो वाट फ्रा दैट फनोम वोरमाहविहान नाम के एक मंदिर के सचिव भी हैं। उन्होंने हाल ही में 18 मिलियन बात (थाईलैंड की करेंसी) का इनाम एक लॉटरी में जीता। ये रकम भारतीय मुद्रा में 4 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। वे अब इस पैसे को दान कर रहे हैं।
क्यों खरीदी लॉटरी
फनोम के अनुसार वह आमतौर पर लॉटरी टिकट नहीं खरीदते। असल में भिक्षु किसी भी तरह के जुए में शामिल नहीं होते। पर कुछ दिन पहले उन्होंने एक स्थानीय दुकानदार की मदद के लिए लॉटरी का टिकट खरीदा। वे दुकानदार कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक रूप से चुनौतियों का सामना कर रहा था। इसी लॉटरी ने उन्हें इतना बड़ा इनाम जिता दिया।
स्वर्गदूतों का है पैसा
अब फनोम का कहना है कि उन्हें लगता है कि सारा पैसा जो उन्होंने जीता है वह स्वर्गदूतों का है। वह इसे अपने लिए नहीं रखना चाहते। इस वजह से उन्होंने लॉटरी में जीते हुए पैसे को दूसरों में बांटने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने हजारों स्थानीय लोगों को 200-200 बात (500-550 रुपये) का दान देना शुरू किया। पैसे दान करने की घोषणा के बाद उनके पास लोगों की लंबी लंबी लाइन लग गईं। हजारों की संख्या में लोग वहां पहुंच गए।
भीड़ पर नजर
फिलहाल मामला यह भी है कि वहां के प्रांतीय अधिकारी भीड़ पर नजर रख रहे हैं। असल में भीड़ के बीच कोविड नियमों का पालन कराना जरूरी है। उन्होंने अब तक 5 मिलियन बात का दे दिया है। उनका कहना है कि वह सारा पैसा (4 करोड़ रु) दान कर देंगे। फनोम के अनुसार स्वर्गदूतों ने उन्हें लॉटरी जीतने और लोगों की मदद करने का आशीर्वाद दिया। वह 10 वर्षों से मंदिर की देखभाल कर रहे हैं।
क्या था लॉटरी टिकट नंबर
फनोम कहते हैं कि वह लॉटरी ड्रॉ से तीन दिन पहले लॉटरी टिकट लाए थे। लॉटरी में नंबर 061905 था। विक्रेता ने खुद उनसे लॉटरी टिकट खरीदने के लिए कहा था ताकि उसकी मदद हो सके। फनोम ने ऐसा ही किया और अब वे सारा पैसा बांट कर अन्य लोगों की मदद कर रहे हैं।


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