नई दिल्ली, सितंबर 29। आपने अकसर खबरों में देखा होगा कि किसान अपनी फसल को नदी में फेंक देते हैं या सड़क पर बिखेर देते हैं। ऐसा 2 कारणों से होता है। या तो वे सरकार का विरोध में ऐसा करते हैं या फिर मंडी में कीमतें हाई रखने के लिए ऐसा करते हैं ताकि सप्लाई कम हो जाए और डिमांड के हिसाब से दाम बढ़ें। कुछ ऐसा ही दुनिया के कई बड़े-बड़े लग्जरी ब्रांड करते हैं। ये ब्रांड समय-समय पर अपने प्रोडक्ट्स को आग के हवाले कर देते हैं। इस बात पर यकीन करना मुश्किल है। मगर ये सच है। जानते हैं कि ऐसा क्यों है।
हैरान करने वाली बात
इस बात पर यकीन करना वाकई मुश्किल है कि ये ब्रान्ड अपने प्रो़डक्ट्स यानी कपड़ों में आग लगाते रहते हैं। मगर ऐसा बिना मतलब के नहीं है। इसके पीछए एक खास वजह है। मगर मजे की बात यह है कि अपने प्रोडक्ट्स को आगे लगाने पर इनके मुनाफे में और अधिक बढ़ोतरी होती है। आखिर क्या है पूरा मामला आगे जानिए।
2018 का खास मामला
कुछ मीडिया रिपोर्टस बताती हैं कि अब से 4 साल पहले बरबरी (अमेरिका का लग्जरी फैशन ब्रान्ड) ने 3.6 अरब डॉलर की इनकम हासिल की थी। वहीं उसी साल इसने 3.68 करोड़ डॉलर के प्रोडक्ट नष्ट किए थे। इसने अपनी सालाना रिपोर्ट में इस बात का खुलासा कर दिया था। कंपनी कहती है कि यह उसकी मार्केटिंग स्ट्रैटजी है। एक और विदेशी ब्रन्ड है लुईस विटॉन। वे भी अकसर ऐसा करता है।
क्यों करते हैं ऐसा
इस पर मार्केट एक्सपर्ट अपनी राय रखते हैं और कहते हैं कि ये ब्रान्ड असल में खुद के प्रोडक्ट की मांग को बनाए रखना चाहते हैं। इसी के लिए ये अपने प्रोडक्ट की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए समय-समय पर उसे कम भी करते हैं। ये ब्रांड हर सीजन में नए प्रोडक्ट तो लाते हैं, मगर पुराने की कीमत नहीं घटाते। इनका मानना है कि इससे इनकी ब्रॉन्ड इमेज प्रभावित होगी।
नहीं देतीं डिस्काउंट
इन कंपनियां का उसूल इतना सख्त है कि आपको इनके पुराने प्रोडक्ट कम रेट पर यानी डिस्काउंट के साथ भी नहीं मिलेंगे। ऐसा करने से बी इनकी ब्रांड इमेज प्रभावित होगी। डिस्काउंट पर बिकने से इनके प्रोडक्ट लग्जरी नहीं रह जाएंगे। इनकी ब्रांड वैल्यू घट जाएगी। लोगों की नजर में ब्रान्ड वैल्यू बनाए रखने के लिए ये कंपनियां इस तरीके के सख्त कम उठाती हैं। इसी कड़ी में यह अपने पुराने प्रोडक्ट को आग तक के हवाले कर देती हैं।
नहीं होता नुकसान
आप सोचेंगे कि इससे कंपनियों को नुकसान होगा। मगर ऐसा नहीं है। कंपनियों को नुकसान नहीं होता। असल में ये नुकसान तो होता है, मगर इन कंपनियों के लिए बहुत अधिक नहीं होता है। उदाहरण से समझें कि अगर कोई कंपनी अपना कोई प्रोडक्ट 2000 डॉलर का बेच रही है तो असल में लागत बहुत कम होगी। ये लागत मुश्किल से 200 डॉलर तक हो सकती है। 1000 डॉलर वाले प्रोडक्ट की लागत 100 डॉलर तक हो सकती है। अब यदि वे इस जलाए तो नुकसान कम होगा। मगर ये उनकी असल में एक रणनीति होती है।
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