नयी दिल्ली। एक ऐसे समय जब शेयर बाजार में उथल-पुथल बरकरार है, म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न घट रहे हैं, एफडी और छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम हो गई है तब भी गोल्ड मुनाफा करवाने में पीछे नहीं है। मांग में भारी गिरावट के बावजूद गोल्ड के निवेशकों की चांदी हो रही है। पहली तिमाही में सोने की कीमतों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इस अवधि में सोने की मांग 36 फीसदी तक लुढ़क गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) की गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की मांग इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में 36 फीसदी घटकर 101.9 टन रह गई। इसके कई कारण हैं, जिनमें कीमतों में उतार-चढ़ाव, आर्थिक अनिश्चितता और कोरोनोवायरस के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन शामिल है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पहली तिमाही में ज्वेलरी की मांग और सोने की निवेश की मांग में भी गिरावट आई। आगे जाकर यह एक "चुनौतीपूर्ण वर्ष" हो सकता है जब तक कि ज्वेलरी इंडस्ट्री कारीगर नहीं मिलते और क्विक टाइम में आपूर्ति चेन फिर से ठीक नहीं होती।
कितनी उछली सोने की कीमतें
गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक पहली तिमाही में मूल्य में देखें तो सोने की मांग 2019 की इसी तिमाही में 47000 करोड़ रुपये से 20 फीसदी घट कर 37580 करोड़ रुपये की रह गई। जहां तक कीमतों में उछाल की बात है तो सोने के दाम सोने का भाव 25 प्रतिशत उछल कर औसतन प्रति 10 ग्राम 36,875 रुपये हो गया, जो 2019 की समान अवधि में 29555 रुपये के औसत पर था। हालांकि इसमें कस्टम ड्यूटी और टैक्स शामिल नहीं हैं।
ज्वेलरी मांग भी घटी
इस बीच जनवरी-मार्च में तिमाही के दौरान ज्वेलरी की कुल मांग में भी 41.9 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2019 की इसी तिमाही में 125.4 टन स गिर कर 73.9 टन रह गई। कीमत में देखें तो ज्वेलरी की मांग में 37,270 करोड़ रुपये के मुकाबले में 27 फीसदी लुढ़क कर 27,230 करोड़ रुपये की रह गई। दरअसल इस तिमाही के पहले कुछ हफ्तों के दौरान भारत शादी का सीजन रहता है। मगर बाद की घटनाओं, विशेष रूप से मार्च की शुरुआत के बाद से, बाजार और उपभोक्ता विश्वास डगमगा गया, जिसके नतीजे में ज्वेलरी की मांग में भी 41 फीसदी की भारी गिरावट आई।
कुल निवेश मांग भी घटी
2020 की पहली तिमाही में कुल निवेश मांग 17 प्रतिशत घटकर 28.1 टन रही। हालांकि, मूल्य के लिहाज से, साल-दर-साल आधार पर 4 फीसदी उछल कर निवेश मांग 10,350 करोड़ की सोने की निवेश मांग थी। इस बीच देश में कुल सोने की रिसाइक्लिंग 2020 की पहली तिमाही में 16 प्रतिशत बढ़ कर 18.5 टन हो गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एमडी COVID-19 और उद्योग पर इसके प्रभाव पर कहा कि इंडस्ट्री में डिजिटल परिवर्तन वर्तमान संकट का एक पॉजिटिव नतीजा हो सकता है, क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग, संपर्क रहित भुगतान और बाकी आवश्यकताएं उपभोक्ताओं के लिए चुनौतियों की तरह होती हैं।


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