नई दिल्ली, जुलाई 23। दुनिया में कई चीजें काफी महंगी हैं। इनमें से एक है व्हेल की उल्टी। आपको सुनने में ये बहुत अजीब लगेगा। मगर ये हकीकत है। व्हेल की उल्टी, जिसे एम्बरग्रीस कहा जाता है, की कीमत 1 करोड़ रु प्रति किलो है। बता दें कि तिरुवनंतपुरम के पास विझिंजम के मछुआरों के एक समूह को एम्बरग्रीस या व्हेल की उल्टी मिली है। इसकी कीमत 28 करोड़ रुपये के करीब है। मगर मछुआरों ने इसे अधिकारियों को सौंप दिया।
क्यों होती है इतनी मंहगी
एम्बरग्रीस का उपयोग परफ्यूम बनाने के लिए किया जाता है। मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम है। मछुआरों को समुद्र में 28.4 किलो वजनी एम्बरग्रीस मिली और बीते शुक्रवार शाम को वह इसे किनारे पर ले आए। फिर उन्होंने इसे तटीय पुलिस को सौंप दिया।
भारत में क्या है नियम
इन मछुआरों ने तटीय पुलिस को एम्बरग्रीस सौंप दी। उन्होंने वन विभाग को सूचित किया और फिर उनसे एम्बरग्रीस को उनसे ले लिया गया। वन विभाग इसकी पुष्टि के लिए एम्बरग्रीस को शहर के राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (आरजीसीबी) ले गया है। एम्बरग्रीस की बिक्री भारत में कानूनन प्रतिबंधित है, क्योंकि स्पर्म व्हेल एक लुप्तप्राय प्रजाति है जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है।
ऐसे तैयार होती है एम्बरग्रीस
एम्बरग्रीस यानी व्हेल की उल्टी तब तैयार होती है जब व्हेल एक वसायुक्त, कोलेस्ट्रॉल युक्त पदार्थ का उत्पादन करती है, जो एक डिफेंस और कोट के रूप में काम करता है या शुक्राणु व्हेल के शिकार (जैसे कि स्क्वीड और कटलफिश की चोंच) के अपचनीय भागों के चारों ओर होता है। ये मोमी पदार्थ समुद्र में आने से पहले, मछली की आंतों की दीवारों को अपच खाने से ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना व्हेल के पेट से निकलने में मदद करता है।
महिला को मिली एम्बरग्रीस
पिछले साल थाईलैंड में एक 49 वर्षीय महिला को अपने घर के पास समुद्र तट के पास टहलते हुए व्हेल मछली की उल्टी मिली थी। यकीन करना मुश्किल है मगर उस उल्टी की कीमत 190,000 पाउंड थी। भारतीय मुद्रा में ये रकम लगभग 1.9 करोड़ रु थी। महिला की किस्मत ऐसी चमकी की वे रातोंरात करोड़पति बन गयीं।
फरवरी का मामला
पिछले साल 23 फरवरी को सिरीपॉर्न निमरीन नामक महिला दक्षिणी थाइलैंड में नखोन सी तम्मरारत प्रांत के तट पर टहल रही थीं। तभी उन्हें एक अजीब-सी विशाल चीज दिखी। जब उन्होंने इस चीज को अलट-पलट करके देखा तो उन्हें इसमें से मछली जैसी गंध आई। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार सिरीपॉर्न को लगा कि वे उससे कुछ पैसै हासिल कर सकती हैं। वे उसे लेकर घर आ गयीं। सिरीपॉर्न ने अपने पड़ोसियों से बात की। जांच में पाया कि अजीब दिखने वाली चीज असल में व्हेल की उल्टी है। ये एक मूल्यवान चीज होती है। इसका इस्तेमाल इत्र में किया जाता है। उनके पड़ोसी ने उन्हें बताया कि मछली की गंध बता रही है कि यह एम्बरग्रीस का टुकड़ा है। उन्होंने इसकी प्रामाणिकता की जांच करने के लिए 12 इंच चौड़े और 24 इंच लंबे एम्बरग्रीस को आग की लौ के पास रखा, जिससे यह पिघल गयी। मगर ठंडा होने पर ये फिर से सख्त हो गयी।


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