Bought Bike with Coins : असम के करीमगंज जिले में एक व्यक्ति ने डाउनपेमेंट के रूप में सिक्कों से भरी बोरी का उपयोग किया। इस सिक्को से भरी बोरी के बदले में उसने एक बाइक खरीदी है। उसने इतने सिक्कों को कई वर्षों में जोड़ा था। ये कारनामा किया है करीमगंज के रामकृष्ण नगर निवासी और एक छोटे बिजनेस के मालिक सुरंजन रॉय ने, जिनका मन लंबे समय से बाइक खरीदने का था।

कौन सी बाइक खरीदी
रॉय ने बीते शनिवार शाम को अपने करीब के ही एक टीवीएस शोरूम से बाइक की खरीदारी की। वहां जाकर उन्होंने कर्मचारियों को अपनी सपनों की बाइक की इच्छा व्यक्त की। शोरूम के एक कर्मचारी बरनाली पॉल के हवाले से एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने रॉय को उनकी इच्छा के अनुसार अपाचे 160 4वी बाइक दिखाई। बाइक को देखने के बाद, रॉय ने बताया कि उसके पास 50,000 रु के सिक्के हैं और वह डाउनपेमेंट के रूप में वही राशि जमा करके बाइक खरीदना चाहता है।
कर्मचारी हो गए हैरान
पॉल ने कहा कि शुरू में सिक्कों से भरी बोरी को देखकर वे सभी चौंक गए, लेकिन बाद में उन्होंने शोरूम के ओनर के साथ इस मामले पर चर्चा की और उस आदमी को बाइक देने का फैसला किया। रॉय कहते हैं कि उन्होंने बाइक खरीदने के इरादे से ही सिक्के बचाए थे। इन सिक्कों को काफी मेहनत से गिना गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह की घटनाएं पहली भी हुई हैं।

1 रु के सिक्कों से बाइक
इसी साल मार्च में एक व्यक्ति ने एक रुपये के सिक्कों में 2.6 लाख रुपये का भुगतान किया। ये भुगतान उसने एक शानदार बाइक के लिए किया। तमिलनाडु के सलेम के एक शोरूम से उस व्यक्ति ने अपनी पसंदीदा बाइक खरीदी थी। उसके लिए 1 रु के सिक्कों में पेमेंट की। 1 रु के ढेरों सिक्के गिनने में शोरूम को 10 घंटे का समय लगा, जिसे वो शख्स वैन में लाया था।
बजाज डोमिनार 400
मार्च में 29 वर्षीय वी बूपति ने बजाज डोमिनार 400 खरीदने के लिए 1 रु के सिक्कों में पेमेंट की। इसके लिए वे नकदी साथ लाए थे। ये 1 रु के सिक्के उन्होंने तीन साल से अधिक समय में जोड़े। काफी मेहनत से वे ये बचत कर पाए। उन्होंने मंदिरों, होटलों और चाय की दुकानों पर एक रुपये के सिक्कों के बदले अपने सारे करेंसी नोटों को एक्सचेंज किया।

एक और मामला है दिलचस्प
एक और दिहाड़ी मजदूर असम के रहने वाले हैं। उनका नाम है उपेन रॉय। उपेन रॉय राजधानी गुवाहाटी के बोरगांव इलाके में पार्ट टाइम काम करते रहे हैं। उनकी एक इच्छा थी अपना दोपहिया वाहन खरीदने की। मगर उनके पास इतना बजट नहीं था। इसके लिए उन्होंने एक खास तरीका निकाला और आखिर में अपना स्कूटी खरीदने का सपना पूरा किया। रॉय ने पिग्गी बैंक में पैसे जोड़ना शुरू किया। वे 1 रु, 2 रु, 5 रु और 10 रु के सिक्के जमा करने लगे। उन्होंने स्कूटी खरीदने लायक पैसे जुटाने में कई साल लगे। मगर आखिरकार उन्होंने इतने पैसे जोड़ ही लिये कि वे एक नयी स्कूटी खरीद सकें। अंत में उपेन रॉय ने अपने इस सपने को इसी साल पूरा किया।


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