नई दिल्ली, जून 7। दुनिया में कुछ चीजें ऐसी हैं, जो काफी पुरानी हो गयी हैं। पुरानी होने के साथ साथ उनकी कीमत भी काफी बढ़ गयी है। ऐसी चीजों में कुछ पेंटिंग्स, नोट, सिक्के या कुछ पुराने एंटीक आइटम शामिल हैं। हाल ही में एक ऐसी पेंटिंग सामने आई है, जिसकी नीलामी करोड़ों रु में हुई है। मजे की बात यह है कि ये पेंटिंग कई सालों तक एक घर में लटकी रही। आगे जानिए पूरी डिटेल।
कितने में बिकी पेंटिंग
एनफील्ड (यूके) के एक बंगले में बिस्तर के ऊपर लटकी हुई एक खोई हुई पेंटिंग 250,000 पाउंड से अधिक में बिकी है। प्रसिद्ध कलाकार बॉटलिकेली के छात्र फिलिपिनो लिप्पी द्वारा 'मैडोना एंड चाइल्ड' का चित्रण एक रुटीन वैल्युएशन के दौरान खोजा गया। पेंटिंग के मालिक, जिसने इसे 30 साल से अधिक समय पहले अपने पिता से विरासत में प्राप्त किया था, एक 90 वर्षीय महिला हैं, जो डिमेंशिया से पीड़ित हैं। वे पिछले साल से एक केयर होम में रह रही हैं।
बिक रहा था बंगला
उस महिला का परिवार उत्तरी लंदन के एनफील्ड में अपना बंगला बेच रहा था। उसी दौरान ये आश्चर्यजनक खोज हुई। ऑयल ऑन कैनवासस जिसका साइज 50 सेमी गुणा 43.5 सेमी है, एक ऑनलाइन नीलामी में यूके के एक बोलीदाता के पास 255,000 पाउंड में बिकी। द सन की रिपोर्ट के अनुसार नीलामीकर्ता पीटर मेसन ने कहा कि हमें पता था कि यह अच्छे दामों पर बिकेगी, लेकिन अंतिम कीमत हमारी उम्मीदों से अधिक रही।
1457 में जन्मे फिलिपिनो लिप्पी
डावसन ऑक्शनर्स में वैल्यूएशन के प्रमुख सियोभान टायरेल ने पेंटिंग को देखा। उनके अनुसार जब तक मैं बेडरूम में नहीं गई, तब तक घर में कुछ भी असाधारण नहीं था। एक पलंग के ऊपर, पेंटिंग को लटका हुआ देखा। मैंने पहचाना कि यह महत्वपूर्ण पेंटिंग है। माना जाता है कि फिलिपिनो लिप्पी का जन्म 1457 में इटली में हुआ था और वह बॉटलिकेली के छात्र थे। उनके काम में फ्रेसकॉस, ऑल्टरपीसेज और पेंटिंग शामिल हैं।
परिवार को अंदाजा नहीं था
इस पेंटिंग की खोज उन मोमेंट्स में से एक रही और तथ्य भी यही है कि घर की मालिक और उनके परिवार को इसके मूल्य का कोई अंदाजा नहीं था। इस बात ने सभी लोगों के लिए इस घटना को और अधिक मनोरंजक बना दिया।
फूलदान बिका करोड़ों रु में
हाल ही में एक ऐसा ही चाइनीज फूलदान नीलाम हुआ, जिसकी बोली करोड़ों रु तक लगाई गई। 18वीं सदी के एक दुर्लभ चीनी फूलदान को नीलामी में लगभग 1.5 मिलियन पाउंड (1.8 मिलियन डॉलर) में बिका है। ये रकम भारतीय मुद्रा में करीब 14 करोड़ रु होती है। बिक्री को मैनेज करने वाले इंग्लिश ऑक्शन हाउस ड्रीवेट्स के अनुसार सोने का पानी चढ़ा हुआ नीला आर्टिफैक्ट शुरू में 150,000 पाउंड का था, जो नीलामी में 1.5 मिलियन पाउंड यानी 10 गुना कीमत तक गया। ऑक्शन हाउस ने कहा कि दो फीट की ऊंचाई वाला चीनी मिट्टी का बरतन ये फूलदान कियानलोंग युग (1736-1795) का है। इस पर उस समय की छह कैरेक्टर की मुहर लगाई गयी है। इस फूलदान को कियानलोंग सम्राट के दरबार के लिए बनाया गया था, जो किंग राजवंश के छठे सम्राट थे।


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