नयी दिल्ली। फोर्ब्स के मुताबिक 2008 में 42 अरब डॉलर के साथ अनिल अंबानी दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे। मगर 12 सालों में काफी कुछ ऐसा हुआ कि एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के भाई ने लंदन की एक अदालत में गरीबी का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके पास कोई संपत्ति नहीं है। अंबानी बंधुओं में विभाजन के बाद टेलीकॉम, बिजली उत्पादन, वित्तीय सेवा कारोबार संभालने वाले अनिल के सारे कारोबार कर्ज में डूब गए, जिनमें कई दिवालिया कार्यवाई से गुजर रहे हैं। जून 2019 तक अनिल अंबानी की रिलायंस समूह की छह कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 6,196 करोड़ रुपये थी, जो 10 फरवरी 2020 तक 1,645.65 करोड़ रुपये रह गयी। एक समय अरबपति रहे अनिल इस समय तीन चीनी बैंकों द्वारा किये गये यूके की अदालत में मुकदमे सामना कर रहे हैं। इन बैंकों ने 2012 में उनकी रिलायंस कम्युनिकेशंस को 68 करोड़ डॉलर का लोन दिया था, मगर इस शर्त के तहत कि अनिल अंबानी व्यक्तिगत रूप से कर्ज की गारंटी लें।
निवेश की वैल्यू गिर गयी
यूके की अदालत ने अनिल अंबानी को 6 हफ्तों में 10 करोड़ डॉलर जमा करने को कहा है। मगर अनिल अंबानी ने कहा कि उनकी देनदारियों को ध्यान में रखते हुए, उनके निवेश का मूल्य गिर चुका है और उनकी शुद्ध संपत्ति अब शून्य है। अनिल ने अदालत में कहा कि मेरे पास कोई सार्थक संपत्ति नहीं है जिसे इन कर्जों को लौटाने के लिए बेचा जा सके। चीन के 3 बैंकों ने फरवरी 2012 में अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस को ये लोन दिया था, जो इस समय दिवालिया प्रोसेस से गुजर रही है। बैंकों का दावा है कि लोन के लिए अनिल अंबानी ने पर्सनल गारंटी दी थी, मगर अनिल अंबानी इस दावे से इंकार कर रहे हैं।
कैसे हुई पतन की शुरुआत
2002 में जब मुकेश और अनिल अंबानी के पिता धीरुभाई अंबानी की एक वसीयत के बिना मृत्यु हुई, तो मुकेश को रिलायंस इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष और अनिल को प्रबंध निदेशक बनाया गया। उस समय रिलायंस ग्रुप की वैल्यू 28,000 करोड़ रुपये थी। मगर फिर दोनों भाइयों के बीच विवाद शुरू हुआ और 2005 में कंपनी दोनों में विभाजित हो गई। अनिल ने दूरसंचार, बिजली उत्पादन और वित्तीय सेवाओं के कारोबार को संभाला, वहीं मुकेश ने तेल-शोधन और पेट्रोकेमिकल व्यवसायों को रखा। उन्होंने 2010 तक एक गैर-प्रतिस्पर्धा संधि पर भी हस्ताक्षर किए।
एक के बाद एक कंपनी हुई डिफॉल्ट
2017 में रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपना वायरलेस कारोबार बंद कर दिया। मई 2018 में ये दिवालिया कार्यवाही में आ गयी। मई 2019 में रिलायंस कैपिटल ने अपना म्यूचुअल फंड कारोबार बेच दिया। 7 जनवरी 2020 को रिलायंस पावर 685 करोड़ रुपये का लोन चुकाने में डिफॉल्ट हुई। वहीं रिलायंस इन्फ्रा पर 148 अरब रुपये का कर्ज चढ़ गया। 31 दिसंबर 2019 तक अनिल अंबानी समूह की कंपनियां जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, और रिलायंस पावर शामिल हैं, 43,800 करोड़ रुपये से अधिक के लोन पर डिफॉल्ट हो गयी। खराब कारोबार के चलते कंपनियं कर्ज नहीं चुका सकीं और अनिल अंबानी की हालत खराब होती गयी।
यह भी पढ़ें - दर्जनों कार और प्राइवेट जेट होने के बावजूद भी अनिल अंबानी बोले संपत्ति है 'जीरो'
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 25 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए 24, 22k, 18k गोल्ड रेट

Gold Rate Today: 28 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में आया उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 25 मार्च को चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी, ₹20,000 उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 27 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में तेजी! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Silver Price Today: 26 मार्च को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! प्रति किलो चांदी सस्ता हुआ या महंगा?

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?



Click it and Unblock the Notifications