Stocks to Buy Today: शेयर बाजार में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार की हलचल में चुनिंदा शेयर फोकस में हैं. इन शेयरों में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के शेयर भी शामिल है. सेक्टर में खरीदारी के लिए ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) ने टॉप पिक किया है. पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस (PNB Housing Finance) के शेयरों पर अपनी कवरेज की शुरुआत की है. कंपनी कवरेज शुरू करते हुए कंपनी के टर्नअराउंड स्टोरी (turnaround story) और ठीकठाक वैल्यूएशन पर भरोसा जताया है.
UBS ने इस शेयर पर 'खरीदें' (Buy) रेटिंग दी है. शेयर पर 1,300 रुपए का टारगेट प्राइस फिक्स किया है, जोकि मौजूदा भाव से 17 फीसदी अपसाइड टारगेट है.
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस पर भरोसा
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस भारत की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) में से एक है, जिसका लोन बुक FY2025 तक 80,000 करोड़ रुपए का है. कंपनी का मुख्य कारोबार होम लोन है, जिसमें प्राइम लोन इसके लोन बुक का 73 फीसदी हिस्सा हैं. हालांकि, अब कंपनी उभरते और किफायती लोन सेगमेंट में भी डायवर्सिफिकेशन ला रही है, जिसे यूबीएस कंपनी के AA+ क्रेडिट रेटिंग के लिए बेहतर मानती है.

ब्रोकरेज का मानना है कि इन नए सेगमेंट में विस्तार से FY2025-27 के दौरान 16 फीसदी एयूएम (AUM) CAGR को सपोर्ट मिल सकता है. अनुमान है कि FY2027 तक नॉन-प्राइम लोन बुक का 40 फीसदी होगा, जबकि FY2025 में यह 25 फीसदी था. यूबीएस के मुताबिक हमें उम्मीद है कि इससे उपज में विस्तार होगा, जिससे FY2025-27 के दौरान 13 फीसदी ईपीएस (EPS) सीएजीआर (CAGR) मिलेगा. लीवरेज में इजाफे से FY2028 तक 13%+ आरओई (ROE) हो सकता है.
रेपो रेट में 1 फीसदी की कटौती
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने मौजूदा सायकल में रेपो दर में एक फीसदी की कटौती की है, जिसके बाद यूबीएस का अनुमान है कि पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का मार्जिन FY2026 में दबाव में आएगा. हालांकि, कंपनी का रेपो-लिंक्ड लोन में जोखिम कम है, लेकिन नए लोन की दरों में कटौती करनी होगी और एमसीएलआर (MCLR) (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट) से जुड़ी दरों में कटौती को आगे बढ़ाना होगा.
ब्रोकरेज ने आगे कहा कि हम FY26 में लोन की उपज पर 10 बीपीएस (BPS) के समग्र प्रभाव का अनुमान लगाते हैं, जिसकी भरपाई फंड की कम लागत से होने की संभावना है. हमें यह भी उम्मीद है कि थोक और खुदरा लोन बुक से वसूली के कारण क्रेडिट लागत कम होने के बाद प्रावधान धीरे-धीरे बढ़ने लगेंगे. हम FY27 से 30 बीपीएस की स्थिर क्रेडिट लागत की उम्मीद करते हैं.


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