Stock Market Triggers: भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को तेज एक्शन देखने को मिल सकता है. बाजार के प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में शुरुआत कर सकते हैं. क्योंकि ग्लोबल संकेत पॉजिटिव हैं. गिफ्ट निफ्टी करीब 120 अंकों की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा है, जोकि 25400 के लेवल पर कारोबार कर रहा है. एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिलेजुले संकेत मिल रहे हैं. इससे पहले भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को 14 दिनों के बाद कमजोरी दर्ज की गई थी. सेंसेक्स 202 अंक नीचे फिसलकर 82,352 पर बंद हुआ था.
संस्थागत निवेशकों का मूड
भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को भी संस्थागत निवेशकों ने कैश मार्केट खरीदारी की है. डिपॉजिटिरीज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने 4 सितंबर को कैश मार्केट में नेट 975.46 करोड़ रुपए की खरीदारी की. जबकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने कैश मार्केट में 97.35 करोड़ रुपए की खरीदारी की.
एशियाई शेयर बाजार में रिकवरी
एशियाई बाजारों में जापान पे आंकड़ों के बाद बाजारों में बिकवाली दर्ज की गई. निक्केई इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहा है. इंडेक्स करीब 150 अंक फिसलकर 36900 के नीचे फिसल गया है. वहीं, हॉन्ग कॉन्ग का हेंगसेंग इंडेक्स 17500 के पास कारोबार कर रहा है. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 2800 के पास ट्रेड कर रहा है.

अमेरिकी शेयर बाजारों में कारोबार
अमेरिकी शेयर बाजारों में कल मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. डाओ में 330 अंकों की रेंज में कारोबार हुआ. डाओ 40 अंक चढ़ा, तो नैस्डैक 50 अंक गिरकर बंद. टेक और चिप स्टॉक्स में दिखा बाउंस बैक रहा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के बाद Nvidia में एक बार फिर से कमज़ोरी दर्ज की गई. सितंबर में वोलैटिलिटी रहने का अनुमान है.
मैक्रो इकनोमिक डाटा में ग्रोथ की रफ़्तार धीमी हुई. अब बाजार की नजरें फेड मीटिंग पर रही. 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 3.76% पर रही. डॉलर इंडेक्स 101.4 के पास रहा. क्रूड 72.9 डॉलर प्रति बैरल के पास आ गया.
कच्चे तेल की कीमतों में करेक्शन
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन कमजोरी दर्ज की गई. तेल उत्पादक ग्रुप OPEC+ संभावित तौर पर उत्पादन बढ़ाने की योजना को टाल सकता है. अक्टूबर में 8 OPEC+ देश 1,80,000 बैरल प्रति दिन तक आउटपुट बढ़ाने वाले थे. लीबिया में तनाव के चलते कच्चे तेल के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट पर ब्रेक लगा हुआ है. चीन और यूरोप में आर्थिक सुस्ती को लेकर चिंता पहले से ही बनी हुई है. ब्रेंट क्रूड ऑयल अब 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है. WTI क्रूड ऑयल का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल चुका है.


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