शेयर बाजार में सोमवार को रिकॉर्ड रैली के बाद मिलाजुला कारोबार देखने को मिल सकता है. ग्लोबल संकेतों से बाजार की दिशा तय होगी. एशियाई मार्केट में उतार-चढ़ाव है. बता दें कि दुनियाभर के शेयर बाजारों की नजर यूरोपियन सेंट्रल बैंक के ब्याज दरों में कटौती के संकेत पर नजर है. इसके चलते हल्की मजबूती देखने को मिल रही. इससे पहले सोमवार को भारतीय बाजारों में रिकॉर्ड बना. कल पहली बार सेंसेक्स 76000 और निप्टी 23100 के पार निकले. इस दौरान बाजार में लिस्टेड कुल कंपनियों का कुल मार्केट कैर 420 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया.
ग्लोबल मार्केट का हाल
अमेरिकी वायदा बाजारों में हल्की तेजी दर्ज की जा रही. डाओ फ्यूचर्स 0.09%, S&P 500 इंडेक्स 0.13% और नैस्डैक 0.21% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे. जबकि सोमवार को US मार्केट में बंद रहा. एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स सुस्त है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी हल्की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे. वहीं, हेंगसेंग इंडेक्स में कमजोरी है.
कच्चे तेल में तेजी
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है. WTI क्रूड भी 79 डॉलर प्रति बैरल के पास है. तेल उत्पादक समूह OPEC+ देशों ने इस साल लगातार जियो-पॉलिटिकल जोखिम को देखते हुए रोजाना उत्पादन में करीब 20 लाख बैरल की कटौती का फैसला लिया था, जो कि इस साल के दूसरे 6 महीने में भी जारी रह सकता है. जून के शुरुआत में ही OPEC+ की बैठक भी होनी है. बता दें कि हालिया हाई से क्रूड का भाव करीब 12% फिसल गया.

FIIs-DIIs का मार्केट में फ्लो
भारतीय बाजारों में कल के सेशन में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने कैश मार्केट में नेट 541.22 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं. जबकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने कैश मार्केट में कल नेट 922.60 करोड़ रुपए की खरीदारी की है.
चुनावी नतीजों पर इनवेस्टर्स की नजर
भारतीय बाजार में जोश भरने का काम लोकसभा चुनाव के नतीजे भी हैं. निवेशकों को उम्मीद है कि 4 जून को आने वाले लोकसभा चुनाव में BJP को बहुमत मिलेगा. जबकि शुरुआती चरण के मतदान में निवेशक नर्वस हो गए थे. यही वजह है कि विदेशी निवेशकों की रुख भी भारतीय बाजारों को लेकर बदला है. पिछले हफ्ते फिर से खरीदारी किए. इससे घरेलू मार्केट में पॉजिटिव सेंटीमेंट देखने को मिल रहा है.


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