ग्लोबल संकेतों में नरमी के चलते सोमवार, 28 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सतर्क रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में गिफ्ट निफ्टी भी कमजोरी का इशारा कर रहा है। कच्चे तेल के ऊंचे दाम और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता सीमित हुई है। ऊपर से शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया है। जब तक कच्चे तेल में नरमी नहीं आती या वैश्विक बाजार से सहारा नहीं मिलता, तब तक बाजार में सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में कारोबार की उम्मीद है।
इस प्री-ओपन मार्केट ब्रीफ में निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी और एफएंडओ (F&O) बैन लिस्ट की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही आज के लिए एक फोकस्ड इंट्राडे वॉचलिस्ट भी तैयार की गई है। आज के इमीडिएट लेवल्स के लिए शुक्रवार के हाई/लो और 5-दिनों के एवरेज को आधार बनाएं। ब्रेंट क्रूड $98 के करीब और डॉलर-रुपया (USD/INR) 95.8 के आसपास बना हुआ है। ये दोनों आंकड़े आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील बैंकिंग शेयरों की चाल तय कर सकते हैं। नीचे दिए गए डैशबोर्ड में आज के मुख्य आंकड़ों पर एक नजर डालें।

निफ्टी, बैंक निफ्टी के लेवल्स और प्री-ओपन संकेत
| इंडिकेटर | लेटेस्ट स्तर | संकेत/संदर्भ |
|---|---|---|
| गिफ्ट निफ्टी | 23,140.5 (-1.17%) | 06:15 IST, सुस्त शुरुआत का संकेत |
| USD/INR | 95.8 (+0.09%) | शुरुआती चाल धीमी |
| ब्रेंट क्रूड | $98.24 (-1.02%) | इस महीने कच्चे तेल में मजबूती बरकरार |
| FII/DII (25 सितंबर) | FII -₹3,693.9 करोड़; DII +₹2,838.2 करोड़ | घरेलू फंड्स के सपोर्ट पर नजर |
लेवल्स के लिहाज से, पिछले सत्र के वैल्यू एरिया और राउंड-नंबर स्ट्राइक प्राइस पर खास ध्यान दें। अगर निफ्टी भारी वॉल्यूम के साथ अपने 5-दिनों के एवरेज के ऊपर निकलता है, तो निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिल सकती है। बॉन्ड यील्ड में तेजी आने पर बैंक निफ्टी में सरकारी (PSU) बैंकों का असर ज्यादा देखने को मिलता है। ट्रेड में स्टॉप-लॉस के लिए सेशन VWAP का इस्तेमाल करें और कल के हाई या लो के पास ब्रेकआउट फेल होने की स्थिति में सतर्क रहें।
F&O बैन लिस्ट और आज के ट्रेंडिंग स्टॉक्स
वायदा (F&O) सेगमेंट में नया ऑर्डर देने से पहले आज की NSE बैन लिस्ट जरूर चेक कर लें। पिछले कुछ सत्रों में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, आईनॉक्स विंड और बंधन बैंक बैन लिस्ट में रहे हैं। इसका मतलब है कि इन शेयरों में मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) का रिस्क काफी बढ़ा हुआ है। कच्चे तेल के ऊंचे स्तरों के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर नजर रखें, क्योंकि इससे उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। अक्टूबर की शुरुआत में सेल्स आंकड़े आने से पहले ऑटो शेयरों में पोजिशनिंग देखने को मिल सकती है। इसके अलावा डिफेंस, रेलवे, शुगर और रियल्टी सेक्टर के शेयर आज सरकारी फैसलों और नए ऑर्डर्स से प्रभावित रहेंगे।
इंट्राडे में उन शेयरों में बेहतरीन मौके बनते हैं जहां प्राइस, डिलीवरी और ओपन इंटरेस्ट (OI) तीनों में एक साथ बढ़त दिख रही हो। किसी भी ब्रेकआउट की पुष्टि वॉल्यूम देखकर ही करें और सेशन VWAP स्टॉप-लॉस के साथ रिस्क पहले से तय कर लें। दिनभर एनएसई की वेबसाइट पर बल्क या ब्लॉक डील, बोर्ड बैठकों, डिविडेंड और आईपीओ से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखें। यह जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है, इसे निवेश की सलाह न मानें; कोई भी निवेश करने से पहले सेबी (SEBI) पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।


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