शेयर बाजार में सोमवार को रिकॉर्ड रैली देखने को मिली. बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. पहली बार सेंसेक्स 76000 और निप्टी 23100 के पार निकले. बाजार में शुरुआती तेजी में रिकॉर्ड बना फिर ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली हुई. बाजार की रौनक में अदानी ग्रुप के शेयर फोकस में रहे. इस दौरान बाजार में लिस्टेड कुल कंपनियों का कुल मार्केट कैर 420 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया.
शेयर बाजार में रिकॉर्ड रैली
शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी से कई रिकॉर्ड बने. इंट्राडे में पहली बार निफ्टी 23,110.8 और सेंसेक्स 76,009 का हाई बनाया. बाजार की रैली को बैंकिंग और IT सेक्टर से जोश मिला. निफ्टी में डिविज लैब, इंडसइंड बैंक, अदानी पोर्ट के शेयर टॉप गेनर रहे. आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों में से 4104 शेयरों में ट्रेड हुआ, जिसमें 1711 शेयर तेजी और 2254 शेयर लाल निशान में बंद हुए. जबकि 140 शेयरों जस के तस बंद हुए.
शेयर बाजार में तेजी क्यों?
शेयर बाजार में तेजी के बड़े फैक्टर्स में अच्छे ग्लोबल संकेत, अनुमान के मुताबिक लोकसभा चुनाव के नतीजों की उम्मीद शामिल हैं. अच्छे ग्लोबल मार्केट की बात करें तो बाजार को यहां से सपोर्ट मिला. शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ नए हाई पर बंद हुए. दरअसल, महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से US FED ब्याज दरें घटा सकता है इसी उम्मीद से बाजारों में जोश देखने को मिल रहा.

चुनावी नतीजों पर इनवेस्टर्स की नजर
भारतीय बाजार में जोश भरने का काम लोकसभा चुनाव के नतीजे भी हैं. निवेशकों को उम्मीद है कि 4 जून को आने वाले लोकसभा चुनाव में BJP को बहुमत मिलेगा. जबकि शुरुआती चरण के मतदान में निवेशक नर्वस हो गए थे. यही वजह है कि विदेशी निवेशकों की रुख भी भारतीय बाजारों को लेकर बदला है. पिछले हफ्ते फिर से खरीदारी किए. इससे घरेलू मार्केट में पॉजिटिव सेंटीमेंट देखने को मिल रहा है.
IT और बैंकिंग से मिला जोश
भारतीय शेयर बाजारों में आई रैली में चुनिंदा सेक्टर फोकस में है. हैवीवेट सेक्टर IT और बैंकिंग से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है. इससे पहले बाजार की बिकवाली में दोनों सेक्टर में तेज करेक्शन देखने को मिला, जिससे वैल्युएशन आकर्षक हो गए. बाजार में जोश कच्चे तेल में आई गिरावट से भी है. WTI क्रूड 17 मई को 80 डॉलर प्रति बैरल के पास ट्रेड कर रहा. हालिया हाई से क्रूड का भाव करीब 12% फिसल गया. इसकी वजह अमेरिका में महंगाई घटना है.
RBI डिविडेंड का भी मिल रहा सपोर्ट
घरेलू मार्केट में जोश रिजर्व बैंक यानी RBI के भारी डिविडेंड के ऐलान से भी है. RBI ने FY24 के लिए सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपए के डिविडेंड को मंजूरी दी है. इससे सरकार को फिस्कल डेफिसिट को कम करने और कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाने में सपोर्ट मिलेगा.


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