Share Market: लगातार 7 कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद आज निफ्टी ने हरे निशान में वापसी की। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में स्थिरता से एशियाई बाजारों का सेंटीमेंट सुधरा, जिसका सपोर्ट भारतीय बाजारों को भी मिला। IT और Financial Stocks में खरीदारी के दम पर Sensex और Nifty 50 आधे फीसदी से ज्यादा उछले। इससे पहले निफ्टी लगातार 7 सेशन में 2.1% टूट चुका था, जो करीब 11 महीनों में इसकी सबसे लंबी गिरावट थी।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ था। इसके चलते पिछले सात कारोबारी सत्रों में निफ्टी 2% से ज्यादा फिसल गया। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों का रुझान जोखिम वाले इक्विटी बाजार से कमजोर पड़ा। हालांकि, अब अमेरिकी ट्रेजरी ने लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स के बायबैक को दोगुना करने का फैसला किया है, जिससे ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट को कुछ राहत मिली और भारतीय बाजारों को भी सपोर्ट मिला।
निफ्टी के लिए सपोर्ट-
मार्केट एक्सपर्ट हरीश जुजारे के मुताबिक, निफ्टी में 24,000 का स्तर सबसे अहम सहारा बना हुआ है। इस स्तर के आसपास बाजार ने मजबूती दिखाई है और ओवरसोल्ड स्थिति के बाद रिकवरी के संकेत भी मिले हैं। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर बना रहता है, तो कारोबारियों को गिरावट में खरीदारी की रणनीति रखनी चाहिए। ऊपर की तरफ 24,400 से 24,650 तक का लक्ष्य देखने को मिल सकता है। हालांकि, छोटी अवधि में बाजार में 300 से 400 अंकों का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना होगा।
सही स्टॉप लॉस की रणनीति बेहतर-
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर टूटना कमजोरी का संकेत माना जाएगा। इसलिए ट्रेड लेते समय इसी स्तर को नुकसान रोकने के स्तर के तौर पर ध्यान में रखना जरूरी है। बाजार में अभी पूरी तरह से तेजी की पुष्टि नहीं हुई है, ऐसे में गिरावट में खरीदारी और सही स्टॉप लॉस की रणनीति ज्यादा बेहतर रहेगी। वहीं बैंक निफ्टी की बात करें तो यहां भी रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के मौके-
वित्तीय शेयरों में खरीदारी का रुझान मजबूत है और बैंकिंग क्षेत्र में आगे भी अवसर बन सकते हैं। हरीश तुजारे के मुताबिक, बैंक निफ्टी में भी ऊपरी स्तरों पर पीछा करने के बजाय गिरावट का इंतजार करना बेहतर होगा। अगर बैंक निफ्टी मजबूत सहारे के ऊपर बना रहता है तो चुनिंदा बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी के मौके तलाशे जा सकते हैं। लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कारोबारियों को हर सौदे में सख्त स्टॉप लॉस रखना चाहिए।
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