Stock Market Outlook: शेयर बाजार में आज बुधवार को खरीदारी देखने को मिली. बेंचमार्क इंडेक्स लगातार 3 दिन की बिकवाली के बाद 4 जून को चढ़कर बंद हुए. इस दौरान सेंसेक्स 260 अंक चढ़कर 80,998 पर बंद हुआ है. निफ्टी भी 77 अंक चढ़कर 24,620 पर बंद हुआ है. ब्रॉडर मार्केट में भी हरियाली रही, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी पॉजिटिव बंद हुए हैं.
घरेलू मार्केट में सबसे ज्यादा खरीदारी IT, ऑटो, मेटल और बैंकिंग सेक्टर में रही, जबकि फाइनेंशियल्स और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली दर्ज की गई. निफ्टी में जोमैटो का शेयर 3.2% की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा. जियो फाइनेंशियल, इंडसइंड बैंक समेत टाटा मोटर्स के शेयरों में भी 1-1% से ज्यादा की बढ़त रही. हालांकि, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के शेयरों में 1-1% से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई.
बाजार में 3 दिन बाद रौनक
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों का सपोर्ट भारतीय शेयर बाजारों को मिला, जिससे निफ्टी 50 इंडेक्स 0.3% की बढ़त के साथ 24,620 पर बंद हुआ है. इससे पहले यूएस मार्केट मंगलवार को पॉजिटिव बंद हुए थे. बाजार को अनुमान से बेहतर अप्रैल जॉब आंकड़ों का सपोर्ट मिला, जोकि टैरिफ पॉलिसीज की चिंताओं के बाद अमेरिकी लेबर मार्केट में रेजिलियंस के संकेत दे रहा.

आगे इस हफ्ते अमेरिकी और चीनी प्रेसिडेंट के बीच ट्रेड वार्ता होने हैं, जिससे एशियन मार्केट में खरीदारी रही. हालांकि, यूएस लगातार उसके ट्रेड पार्टनर्स पर दबाव बना रहा कि ट्रेड निगोसिएशन पर बेस्ड ऑफर दें, जोकि बुधवार को खत्म हो रहा. निफ्टी IT इंडेक्स 0.4% उछला, जिसे मंगलवार को US नैस्डैक इंडेक्स 0.8% की बढ़त का सहारा मिला. नैस्डैक में Nvidia और अन्य सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में रैली दर्ज की गई.
RBI की पॉलिसी मीटिंग पर फोकस
सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि रेलवे स्टॉक्स में भी मोमेंटम दर्ज किया, जिसमें ऑर्डरबुक बढ़ने का जोश रहा. क्योंकि हाल ही सरकार से रेलवे कंपनियों का ऑर्डर्स मिले हैं. ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.4-0.5% की बढ़त देखने को मिली. भारत का सर्विस सेक्टर मई में स्थिर ग्रोथ रही. सर्विसेज PMI 58.8 पर रही, जोकि अप्रैल में 58.7 पर था. आज बुधवार से 3 दिन की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग भी शुरु हो गई है. ब्याज दरों पर फैसला शुक्रवार को आएगा. ऐसे में रेट सेंसिटिव सेक्टर सरकारी बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो फोकस में है. क्योंकि 2025 में तीसरी बार दरें घटने वाली है, जिससे लिक्विडिटी बूस्ट होगा.
आगे कैसा रहेगा मार्केट का मूड?
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs का भी रुख बुलिश नजर आ रहा. मई में FIIs नेट बायर्स रहे, जिसमें 11773 करोड़ करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की थी. यह आंकड़ा सितंबर 2024 के बाद सबसे ज्यादा मंथली खरीदारी है. इससे पहले अप्रैल और मार्च में लगातार 2 महीने FIIs नेट सेलर्स रहे था. वहीं, 3 जून 2025 को FIIs ने कुल 5000 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी. जबकि DIIs ने खरीदारी की थी, जिसमें ज्यादातर ब्लॉक डील्स रहे. उन्होंने कहा कि मार्केट में आगे भी कंसोलिडेशन मोड देखने को मिल सकता है. सात ही ग्लोबल मार्केट और मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतों पर नजर रहेगा. सेक्टोरल डेवलपमेंट के चलते स्टॉक एक्शन देखने को मिल सकती है.
More From GoodReturns

IPO में पैसा लगाने की जल्दी? अलॉटमेंट का गणित और डेडलाइन जरूर जान लें

17 अगस्त 2026: बाजार की सुस्त शुरुआत के बीच इन स्टॉक्स में मचेगी हलचल, चेक करें F&O बैन लिस्ट

IPO की होड़: अभी दांव लगाएं या लिस्टिंग का इंतजार करें? जानें निवेश का सही गणित

शेयर बाजार का नया नियम: 3:15 से 3:40 के बीच बदल जाएगी ट्रेडिंग, F&O ट्रेडर्स ऐसे तैयार करें वॉचलिस्ट

FINNIFTY एक्सपायरी: आज बाजार में बड़ा बदलाव! CAS टाइमिंग और इन स्टॉक्स पर रखें नजर

NSE का नया CAS सिस्टम: आज से बदल गया क्लोजिंग का तरीका, ट्रेडर्स के लिए जरूरी गाइड

NSE IPO: ₹5 लाख करोड़ का वैल्युएशन, जानिए कब खुलेगा और कैसे करें अप्लाई

बैंक निफ्टी एक्सपायरी: आज 13 अगस्त को इन लेवल्स पर रखें नजर, OI और IV का खेल समझें

NSE IPO: क्या अभी पैसा लगाना सही है? लिस्टिंग से पहले ये 5 बातें जान लें

Share Market Recovery: गिरावट के बाद Nifty 24,350 के पार, अब आगे क्या?

Shiprocket IPO: आज दांव लगाने का आखिरी मौका, शाम 5 बजे तक जरूर कर लें ये काम



Click it and Unblock the Notifications