Stock Market Next Week: शेयर बाजार में इन दिनों जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार के प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड हाई से करीब 10 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहे हैं. हालांकि, निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिल रही. बीते हफ्ते बाजार में लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी, प्रत्याशित सरकारी खर्च में इजाफा और FY25 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट अर्निंग में सुधार रही.
बाजार में जोश भरने का काम महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के मजबूत प्रदर्शन, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और MSCI के रीबैलेंस ने इस पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूत किया. बाजार की नजर आगे मंथली ऑटो बिक्री के आंकड़ों और जीडीपी के हाल ही में Q2FY25 में कई तिमाहियों के निचले स्तर 5.4% पर जाने पर होगा.
शेयर बाज़ार का ट्रेंड
बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स में बीते हफ्ते 1-1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. यह लगातार दूसरी वीकली बढ़त रही.मार्केट एनलिस्ट्स का कहना है कि बाजार की स्थिरता आगामी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी. खासकर 4 से 6 दिसंबर को आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक पर फोकस होगा. एनलिस्ट का मानना है कि महंगाई की चिंताओं की वजह से रेपो रेट में इस बार भी बदलाव की उम्मीद नहीं है.

प्राइमरी मार्केट में आईपीओ लॉन्च में मंदी की उम्मीद है, क्योंकि इस हफ्ते केवल तीन इश्यू लॉन्च होने वाली है. टेक्निकल एनलिसिस से संकेत मिलता है कि मजबूत अपवर्ड रैली के लिए निफ्टी 50 को कुछ रेजिस्टेंस लेवल्स को पार करना होगा. वर्तमान में निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी है.
मार्केट के लिए प्रमुख इकोनॉमिक इंडिकेटर्स
अहम कॉर्पोरेट एक्टिविटी और इकोनॉमिक इंडिकेटर्स बाजार पर असर डाल सकते हं.ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा, ऑयल प्राइसेज, डॉमेस्टिक इंडिकेटर्स, एफआईआई फ्लो और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का प्रदर्शन आने वाले हफ्ते में बाजार के ट्रेंड को शेप देने वाले अहम फैक्टर्स हैं.
भारत VIX में गिरावट आई है, जो बुल्स के लिए संभावित रूप से अधिक अनुकूल माहौल का संकेत है. बाजार में पॉजिटिव आउटलुक के साथ एक सीमित दायरे में रुझान प्रदर्शित होने की भविष्यवाणी की गई है. मुख्य प्रभावों में RBI नीति निर्णय, अमेरिकी रोजगार डेटा, विनिर्माण और सेवा PMI संख्या, भू-राजनीतिक घटनाएँ और FII गतिविधि शामिल हैं.


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