Stock Market Crash: शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन तेज करेक्शन दिखा. बाजार के प्रमुख इंडेक्स में शुक्रवार को भारी बिकवाली दर्ज की गई. सेंसेक्स 1414 अंक गिरकर 73128 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 420 अंक फिसलकर 22124 पर आ गया. बाजार में चौतरफा गिरावट दर्ज की किया गया. निफ्टी में शामिल 50 में से 45 शेयर लाल निशान में बंद हुए हैं.
फरवरी में सेंसेक्स और निफ्टी 6% तक फिसल गए हैं. बाजार की कमजोरी में निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ है, एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक करीब 40 लाख करोड़ रुपए का घाटा निवेशकों को हुआ. बाजार में गिरावट का दौर कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से शुरू हुआ.
बाजार में सबसे लंबी गिरावट
- सितंबर 1994-अप्रैल 1995
- सितंबर 2024-फरवरी 2025
- जुलाई-नवंबर 1996
शेयर बाजार में टूटा 28 साल का रिकॉर्ड
भारतीय शेयर बाजारों में लगातार बिकवाली से करीब 28 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है. बाजार 27 सितंबर 2024 के ऑल टाइम हाई से काफी टूट चुका है. रिकॉर्ड हाई से सेंसेक्स और निफ्टी करीब 15-16% तक फिसल चुके हैं. निफ्टी 50 में लगातार 5वें महीने गिरावट दर्ज की जा रही. इससे पहले 1996 में इतनी लंबी गिरावट दर्ज की गई थी. जब इंडेक्स जुलाई और नवंबर के दौरान भारी करेक्शन देखने को मिला था. यही वजह है कि सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स 8 महीने के निचले स्तर पर फिसल गए हैं.
क्यों टूट रहा शेयर बाजार?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट में रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारत के जीडीपी आंकड़े आने से पहले शुक्रवार को बाजार में तेज करेक्शन दिखा. निफ्टी 1.9 फीसदी फिसला. दरअसल, बाजार पर कमजोर ग्लोबल संकेत और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन पर टैरिफ को लेकर कई कमेंट्स हावी रहे. वहीं, जीडीपी के आंकड़े दिसंबर तिमाही में अनुमान के मुताबिक 6.2% रहे, जोकि राहत की बात है.
ब्रॉडर मार्केट में तेज करेक्शन का सिलसिला जारी है. 28 फरवरी को निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.5% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 3% तक फिसले. सेक्टोरल परफॉर्मेंस को देखें तो इस हफ्ते में IT सेक्टर ने ज्यादा गिरावट देखी, जोकि 4% तक फिसला. 4 मार्च से मैक्सिको और कनाडा पर 25% टैरिफ लागू हो जाएगा. इसके अलावा चीन के सामानों पर 10% और टैरिफ लगाने के संकेत दिए हैं. इसके अलावा यूरोपियन यूनियन पर जल्द ही टैरिफ का ऐलान हो सकता है. कमजोर भारतीय रुपए और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से घरेलू बाजारों में गिरावट और गहराई.

अगले हफ्ते कैसा रहेगा बाजार?
सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि फरवरी में अब तक निफ्टी 50 इंडेक्स 6% तक फिसला, जोकि लगातार 5वें महीने गिरा है. अगले हफ्ते भी बाजार पर दबाव बरकरार रहने का अनुमान है. भारतीय शेयर बाजारों में कमजोर रहेगी. क्योंकि ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है. इसके अलावा डोमेस्टिक ट्रिगर्स भी कम हैं.
निफ्टी पर लॉन्ग टर्म नजरिया
ब्रोकरेज फर्म सिटी रिसर्च ने निफ्टी पर ओवरवेट का आउटलुक के साथ अपसाइड टारगेट दिया है. इसके मुताबिक इकोनॉमिक रिकवरी और वैल्युएशंस घटने का फायदा बाजार को मिलेगा. यही वजह है कि दिसंबर 2025 तक निफ्टी नए शिखबर पर पहुंच जाएगा. सिटी रिसर्च के मुताबिक साल के अंत तक निफ्टी 50 इंडेक्स 26000 का स्तर छुएगा. यानी मौजूदा लेवल से इंडेक्स 15% की तेजी दिखा सकता है.
सिटी रिसर्च के इकोनॉमिस्ट्स ने आर्थिक ग्रोथ को लेकर कहा कि 2025 में रियल GDP ग्रोथ 6.5% पर वापसी कर सकता है. इसे पर्सनल टैक्स में कटौती का फायदा मिलेगा, क्योंकि इसकी वजह से कंज्युमर सेंटीमेंट को बूस्ट मिलेगा. साथ ही आगे खपत मांग भी बढ़ेगी. आंकड़े यह भी बता रहे हैं कि पब्लिक कैपेक्स भी पटरी पर लौट रही है.


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