शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत धमाकेदार एक्शन के साथ हो सकती है. क्योंकि ग्लोबल संकेत कमजोर हैं. गिफ्ट निफ्टी हल्की गिरावट के साथ 22100 के पास ट्रेड कर रहे. एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी हल्की गिरावट देखने को मिल रहा है. इनवेस्टर्स की नजर इस हफ्ते आने वाले महंगाई के आंकड़े पर है. चीन, अमेरिका और भारत में इस हफ्ते महंगाई के आंकड़े जारी होंगे. भारतीय बाजारों में शुक्रवार को निचले स्तरों से खरीदारी से सेंटीमेंट ठीक तो लग रहा, लेकिन लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले बाजार में तेज एक्शन है. बता दें कि निफ्टी पिछले 5 सेशन में करीब 700 अंकों तक टूट चुका है. इंडेक्स फिलहाल 22,000 के लेवल पर बरकरार रहा, जोकि फरवरी के बाद एक बार भी 22,000 के नीचे नहीं बंद हुआ.
GIFT Nifty से कमजोर संकेत
भारतीय बाजारों के लिए आज सपाट या हल्की गिरावट के साथ शुरुआत हो सकती है. क्योंकि गिफ्ट निफ्टी में करीब 50 अंकों की गिरावट देखने को मिल रही है. इंडेक्स 22100 के पास ट्रेड कर रहा है. इससे संकेत मिल रहा है कि प्रमुख इंडेक्स आज मिलेजुले एक्शन दिखा सकते हैं.

अमेरिकी मार्केट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे. डाओ के लिए बीता हफ्ता अब तक सबसे बेहतर रहा. शुक्रवार को इंडेक्स लगातार 8वें दिन बढ़त के साथ बंद हुआ. S&P 500 भी हरे निशान में बंद हुआ है. फिलहाल निवेशकों की नजर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) समेत आने वाले हफ्ते में अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों पर है. साथ ही इस हफ्ते फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल की कमेंट्री पर भी मार्केट की नजर होगी.
एशियाई बाजारों का सुस्ती
एशियाई शेयर बाजारों में हफ्ते के पहले दिन कमजोर कारोबार देखने को मिल रहा है. क्योंकि चीन में अप्रैल महीने के मंहगाई के आंकड़े अनुमान से ज्यादा हैं. फिलहाल नजर जापान के Q1 GDP आंकड़ों पर है. जापान का निक्केई इंडेक्स 0.32% नीचे कामकाज कर रहा. वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.29% की बढ़त के साथ कर रहा है. हॉन्गकॉन्ग का हेंग सेंग और चीन शंघाई कम्पोजिट भी लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं.
कच्चे तेल में करेक्शन
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत गिर गई है. क्रूड करीब 1 फीसदी से ज्यादा फिसल गया है. क्योंकि अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका जताई है. इससे क्रूड की डिमांड कमजोर हो सकती है. बता दें कि ब्रेंट क्रूड करीब 1.3% गिरकर 83 डॉलर के नीचे आ गया है. साथ ही डॉलर की मजबूती से भी कच्चे तेल पर दबाव बना हुआ है.
घरेलू मार्केट में संस्थागत निवेशक
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं. कैश मार्केट में FIIs ने मई में कुल बिकवाली ₹21,000 करोड़ की है. जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने इस दौरान खरीदारी की. DIIs ने मई 2024 में अब तक कुल ₹19410 करोड़ के शेयर खरीदे हैं.


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