नई दिल्ली, फरवरी 7। ऑटो, एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्थकेयर, रियल्टी और कैपिटल गुड्स शेयरों में बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स 7 फरवरी को लगातार तीसरे दिन कमजोरी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,023.63 अंक या 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 57,621.19 पर और निफ्टी 302.70 अंक या 1.73 फीसदी की गिरावट के साथ 17,213.60 पर बंद हुआ। इससे निवेशकों बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.75-1.25 फीसदी गिरे। आज की गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
कितने डूबे निवेशकों के
आज की गिरावट के बीच निवेशकों को करीब 2,86,685 करोड़ रु का नुकसान हुआ। 4 फरवरी शुक्रवार को कारोबार बंद होने पर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैपिटल 2,67,71,278.74 करोड़ रु थी, जो आज बाजार बंद होने पर 2,64,82,633.52 करोड़ रु रह गयी। लगातार तीसरे दिन आई गिरावट से निवेशक तीन दिनों में करीब 7 लाख करोड़ रु गंवा चुके हैं।
रिलायंस-टीसीएस ने भी कराया नुकसान
बता दें कि मार्केट कैपिटल के लिहाज देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों रिलायंस और टीसीएस ने भी निवेशकों का पैसा डुबाया। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लाइफ, एलएंडटी और बजाज फाइनेंस आज निफ्टी पर सबसे अधिक नुकसान वाले शेयरों में से रहे। जबकि लाभ वालों में पावर ग्रिड कॉर्प, ओएनजीसी, एनटीपीसी, श्री सीमेंट्स और टाटा स्टील शामिल रहे।
बड़े शेयरों में गिरावट
बड़े शेयरों में से टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, मारुति, सन फार्मा, डॉ रेड्डीज, एक्सिस बैंक, नेस्ले इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, आईटीसी, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, विप्रो और कोटक महिंद्रा बैंक में भी कमजोरी आई। पीएसयू बैंक, मेटल और पावर को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स में कमजोरी आई। ऑटो, एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्थकेयर, रियल्टी और कैपिटल गुड्स 1-2 फीसदी की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
ये है गिरावट का कारण
आज कमजोर वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में गिरावट आई। भारतीय इक्विटी बाजारों को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं। इनमें आगामी आरबीआई की एमपीसी घोषणा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर, खराब ग्रामीण मांग के कारण ऑटो निर्माताओं के लिए कमजोर बिक्री, विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिक्री और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने के बीच कमजोर एशियाई बाजार शामिल हैं।
बाजार में कमजोर रुझान
जानकारों का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार की धारणा कमजोर है और यह निकट भविष्य में सेंसेक्स को 58000-57500 के स्तर तक गिरा सकती है। बाजार की धारणा स्थिर होने तक निवेशकों को फिलहाल कोई नई पोजीशन लेने से बचना चाहिए। बैंकिंग, ऑटो, ईवी, फार्मा और आईटी सेक्टर आकर्षक दिख रहे हैं और निचले स्तरों से अच्छी उछाल दिखा सकते हैं। इसलिए जानकार इन सेक्टरों में खरीदारी की सलाह दे रहे हैं। इस बीच 5 राज्यों के चुनावों से पहले घरेलू बाजार अस्थिर हैं। विदेशी निवेशकों की तरफ से बिक्री और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारी गिरावट देखी जा रही है। उधर अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में हैं क्योंकि मजबूत अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की तेज आशंका बना दी है, जिसके परिणामस्वरूप बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई। जानकार मान रहे हैं कि उभरते बाजारों में शॉर्ट टर्म में विदेश निवेश का बाहर निकलना जारी रह सकता है।


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