नई दिल्ली, फरवरी 24। आज भारतीय इक्विटी बाजार में भारी भरकम गिरावट आई। बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 गुरुवार को मासिक एफएंडओ (फ्यूचर एंड ऑप्शन) एक्सपायरी के दिन लगभग 5 प्रतिशत गिर कर बंद हुए। रूस ने यूक्रेन पर हमला किया जिससे शेयर बाजार तबाह हो गया। बीएसई सेंसेक्स 4.7 प्रतिशत या 2,702 अंक गिर कर 54,530 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 815 अंक या 4.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16248 पर बंद हुआ। आज की गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
निवेशकों को 13.44 लाख करोड़ रु का नुकसान
बुधवार को कारोबार बंद होने पर शेयर बाजार में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटल 255.68 लाख करोड़ रु थी, जो आज की क्लोजिंग पर 242.24 लाख करोड़ रु रह गयी। यानी आज की गिरावट से निवेशको को 13.44 लाख करोड़ रु का नुकसान हुआ। आज एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
किन शेयरों में आई अधिक गिरावट
इंडसइंड बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस, टॉप गिरावट वाले शेयरों में रहे। बैंक निफ्टी 6 फीसदी या 2,163.95 अंक टूट कर 35,228.10 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी एफएमसीजी भी 3 फीसदी से ज्यादा टूटा। भारत वीआईएक्स, अस्थिरता सूचकांक, 30.31 प्रतिशत बढ़ कर 31.98 के स्तर पर बंद हुआ। बता दें कि एक्सिस सिक्योरिटीज के मुख्य निवेश अधिकारी नवीन कुलकर्णी ने मौजूदा स्थिति पर कहा है कि सेंसेक्स 1800 अंक टूट गया, जबकि यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्रों में रूसी आक्रमण से तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर टूट गईं। वॉल स्ट्रीट सूचकांक रातोंरात एक ऐसे स्तर तक फिसल गया है, जो एक करेक्शन की पुष्टि करेगा। इसका मतलब हाल के उच्च स्तर से 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है।
मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स
मिड- और स्मॉल-कैप शेयर भी गिर कर बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 5.74 फीसदी और स्मॉल-कैप शेयरों में 6.25 फीसदी की गिरावट आई। सभी 15 सेक्टर (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के लाल रंग में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑटो ने सूचकांक में क्रमश: 8.26 फीसदी और 6.26 फीसदी की गिरावट दर्ज की।
टाटा मोटर्स सबसे अधिक गिरा
सिंगल स्टॉक मोर्चे पर टाटा मोटर्स निफ्टी में टॉप गिरावट वाला शेयर रहा। ये स्टॉक 10.71 प्रतिशत टूट कर 425.90 रुपये पर आ गया। यूपीएल, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और जेएसडब्ल्यू स्टील भी फिसल गए।
वैश्विक मार्केट का हाल
वैश्विक स्टॉक और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जबकि डॉलर, सोना और तेल की कीमतों में तेजी आई। 2014 के बाद पहली बार तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गईं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है। रूसी करेंसी रूबल में गुरुवार को गिरावट आई। असल में मॉस्को एक्सचेंज और सेंट पीटर्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की डोनबास में "विशेष सैन्य अभियान" की घोषणा के बाद सभी ट्रेडिंग्स को रोक दिया है। इसका रूसी रूबल पर निगेटिव पर असर पड़ा है। रूसी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी 2016 के बाद पहली बार अमेरिकी डॉलर 84 रूबल से ऊपर पहुंच गया है।


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