Stock Market Fall Today: शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन तेज बिकवाली हो रही. बाजार के प्रमुख इंडेक्स 1-2 फीसदी तक टूट गए हैं. सेंसेक्स और निफ्टी जैसे इंडेक्स में 1-1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है. कमजोर ग्लोबल संकेतों और कॉरपोरेट अर्निंग का असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बाजार में कारोबारी सेशन के पहले हाफ में चौतरफा बिकवाली है, जिसमें सबसे आगे रियल्टी और मीडिया सेक्टर सबसे आगे हैं. तेज बिकवाली में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है.
आज बाजार में तेज करेक्शन
भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली दर्ज की जा रही. सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1000 अंकों की गिरावट के साथ 78700 के लेवल पर आ गया. निफ्टी 50 इंडेक्स भी 300 अंकों की गिरावट के साथ 23400 के अहम लेवल के नीचे फिसल गया है. बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली ऑटो, मीडिया, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में दर्ज की जा रही. ब्रॉडर मार्केट में स्मॉल और मिडकैप इंडेक्स भी 1-2 फीसदी तक फिसल गए हैं.
इन शेयरों में जोरदार हलचल
निफ्टी 50 में शामिल 50 में से 44 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे. जबकि केवल 6 शेयर में बढ़त दर्ज की जा रही, जिसमें M&M और टेक महिंद्रा के शेयरों में 1-1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती दर्ज की जा रही. वहीं, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयर 4-4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स हैं. सन फार्मा, बीपीसीएल और RIL के शेयर भी 3-3 फीसदी से ज्यादा टूट गए हैं.

निवेशकों को भारी नुकसान
बाजार की गिरावट में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. क्योंकि बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 440.79 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है, जोकि 1 नवंबर को बाजार बंद होने पर 448.10 लाख करोड़ रुपए था. इस लिहाज से करीब 8 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है.
शेयर बाजार में क्यों है गिरावट?
घरेलू स्टॉक मार्केट में 5 नवंबर को होने वाले अमेरिकी प्रेसिडेंशियल इलेक्शन के पहले तेज करेक्शन दर्ज किया जा रहा है. साथ ही अमेरिकी सेंट्रल बैंक की पॉलिसी मीटिंग भी इसी हफ्ते है, जोकि 7 नवंबर को ब्याज दरों पर अपने निर्णय जारी करेगा. इसके अलावा चीन की ओर से जारी होने वाले राहत पैकेज पर भी ग्लोबल मार्केट की नजर है. इन सबका असर बाजार के हैवीवेट स्टॉक्स RIL, HDFC बैंक, ICICI बैंक समेत अन्य पर दिख रहा, जोकि लाल निशान में ट्रेड कर रहे.
ग्लोबल मार्केट कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज हलचल है. ओपेक प्लस ने दिसंबर में उत्पादन बढ़ाने की योजना में देरी की संभावना है. इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 2 फीसदी की मजबूती दर्ज की जा रही है.


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