Stock Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से गिरावट का दौर जारी है. मार्केट आज बुधवार, 18 दिसंबर को भी भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है. इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों इंडेक्स में 0.80 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. अंत में सेंसेक्स 502 अंको की गिरावट के साथ 80,182 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 137 अंक फिसलकर 24,198 पर बंद हुआ.
गिरावट में निवेशकों को भारी नुकसान
इस दौरान सेंसेक्स में कुल 1,951 अंकों की गिरावट आई है. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपए कम हुआ है. यह गिरावट सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई.
बाजार का सेंटीमेंट और इकोनॉमिक इंडिकेटर्स
दरअसल, बाजार में निवेशक सावधानी बरत रहे हैं, क्योंकि वे फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं. इस बार 25 bps की दर कटौती की उम्मीद है, लेकिन ध्यान फेड के आर्थिक अनुमानों और डॉट प्लॉट पर फोकस है.

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की कमजोरी ने बाजार में निगेटिव धारणा को और बढ़ा दिया है. इस गिरावट से फॉरेन कैपिटल के बाहर जाने की चिंता बढ़ गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा और भी प्रभावित हो रहा है.
कमजोर बाजार में सेक्टोरल परफॉर्मेंस
बाजार में ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखी गई, जिसमें निफ्टी मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स में अहम गिरावट आई, जिनमें से प्रत्येक में 2 प्रतिशत की गिरावट आई. हालांकि, इस ब्रॉडर बिकवाली के बीच निफ्टी फार्मा और आईटी इंडेक्स ने बढ़त दर्ज करने में कामयाबी हासिल की.
बैंकिंग सेक्टर पर इसका खासा असर पड़ा है, जिसमें एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयरों में भारी गिरावट आई है. इन गिरावटों की वजह से निफ्टी बैंक इंडेक्स तीन दिनों में करीब 3 फीसदी गिर चुका है.
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से टेंशन
इस हफ्ते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) काफी बिकवाली देखी गई है. इसकी वजह बढ़ते डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के साथ-साथ अमेरिकी मौद्रिक नीति और ट्रेड ड्यूटी को लेकर अनिश्चितताओं को दिया जा रहा है.


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