Stock Market Crash Reason: शेयर बाजार में आज 21 जनवरी को भारी गिरावट देखी जा रही. घरेलू मार्केट में तेज करेक्शन के लिए ग्लोबल समेत घरेलू ट्रिगर भी शामिल हैं. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड टैरिफ पर को लेकर भय समेत अन्य शामिल हैं. इसके चलते बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी समेत अन्य सभी प्रमुख इंडेक्स टूट गए हैं.
सेंसेक्स 1,300 से ज्यादा अंक गिरकर 75,641 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 368 अंक गिरकर 22,977 पर पहुंच गया. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. मार्केट की गिरावट में करीब 7 लाख करोड़ रुपए का बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घट गया है.
शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े ट्रिगर्स
1. ट्रम्प की ट्रेड पॉलिसी का असर
ट्रम्प के कार्यकाल में शुरुआती कार्रवाइयों में कनाडा और मैक्सिको पर टैरिफ लगाना शामिल रहा. इससे भारत सहित अन्य देशों पर संभावित टैरिफ के बारे में चिंताएँ बढ़ गई हैं. उनकी आव्रजन नीतियाँ भारत के तकनीकी उद्योग को भी प्रभावित कर सकती हैं.
2. केंद्रीय बजट को लेकर असमंजस
इनवेस्टर्स 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद है कि राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए खपत को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों को समर्थन देने के उपाय किए जाएंगे. कोई भी उम्मीद पूरी न होने पर बाजार की धारणा और भी खराब हो सकती है.
3. फॉरेन फंड का आउटफ्लो
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा लगातार बिकवाली बाजार को प्रभावित करने वाला एक और फैक्टर है. अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण एफपीआई ने जनवरी में लगभग रोजाना भारतीय इक्विटी बेची, जो 20 जनवरी तक करीब ₹51,000 करोड़ तक पहुंच गई.
4. निराशाजनक कॉर्पोरेट अर्निंग
पहली और दूसरी तिमाही में कमजोर प्रदर्शन के बाद तीसरी तिमाही में कॉर्पोरेट आय में कमी आई है. इसने भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती के बावजूद बाजार की धारणा को कमजोर बना दिया है.
5. कमजोर होते मैक्रोइकॉनोमिक इंडिकेटर्स
भारतीय अर्थव्यवस्था में कमज़ोरी के संकेतों ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है. ब्रॉडर बेस पर मांग में बढ़त नहीं हो रही है, जिससे प्राइवेट कैपेक्स सायकल में देरी हो रही है. सरकारी कैपेक्स में भी कमी आई है, जिसका असर नॉन-एग्री रोज़गार पर पड़ रहा है.

बाजार पर एक्सपर्ट का नजरिया
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वॉइस प्रेसिडेंट रुचित जैन ने कहा कि इंडिया विक्स आज 5 फीसदी के ऊपर निकल गया, जो यह दर्शाता है कि केंद्रीय बजट से पहले उतार-चढ़ाव बढ़ने वाला है. विदेशी निवेशक लगातार घरेलू मार्केट में बिकवाली कर रहे. FIIs ने अब 50 हजार करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली कर चुके हैं. इसके चलते बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल रही.
निवेशकों का लगा भारी झटका
बाजार में तीव्र गिरावट के परिणामस्वरूप निवेशकों की संपत्ति में 7.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ क्योंकि बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप कल बाजार बंद होने के बाद 432 लाख करोड़ रुपए से घटकर 425.5 लाख करोड़ रुपए हो गया.
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