Why Stock Market Crash Today: शेयर बाजार में शुक्रवार को तबाही मच गई है। निवेशकों के एक दिन में करीब 9 लाख करोड़ रुपए डूब गए। सेंसेक्स 927 अंक गिरकर 79,138 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया और निफ्टी गिरकर 24,074 पर आ गया। इस भारी गिरावट के कई प्रमुख कारण हैं। आइए इनके बारे में आपको बताते हैं।

1. दूसरी तिमाही में कमजोर रिजल्ट्स
फाइनेंशियल ईयर 2025 की दूसरी तिमाही में कई कंपनियों ने निराशाजनक रिजल्ट्स पेश किए है। उम्मीद के मुताबिक दूसरी तिमाही के नतीजे नहीं आने की वजह से वैसे शेयरों की जमकर पिटाई हो रही है, जो कमजोर नतीजे पेश कर रहे हैं। आज के कारोबार में, इंडसइंड बैंक में 19% की गिरावट आई और एनटीपीसी में 4% की गिरावट आई है। इंडसइंड बैंक द्वारा सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में 39% साल-दर-साल (YoY) गिरावट दर्ज की है। दूसरी तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 1,325 करोड़ रुपये रहा, जो कि अनुमानों से कम था।
2. अमेरिकी चुनाव का भी है असर
मिंट के अनुसार, अमेरिकी चुनाव को लेकर अनिश्चितता बाजार की धारणा पर भारी पड़ रही है। 5 नवंबर के चुनाव से दो हफ्ते से भी कम समय पहले, लेटेस्ट ओपिनियन पोल के रुझान कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच कड़ी टक्कर दिखा रहे हैं। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल रिसर्च के प्रमुख दीपक जसानी के अनुसार, अगर कमला हैरिस राष्ट्रपति बनती हैं, तो वे बिडेन प्रशासन की अधिकांश व्यापार नीतियों को आगे बढ़ा सकती हैं। दूसरी ओर, ट्रंप व्यापार असंतुलन और माइग्रेशन की अधिक जांच के साथ अधिक लेन-देन वाला दृष्टिकोण अपना सकते हैं।
3. ईरान-इजराइल के बीच तनाव
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव बाजार पर भारी पड़ा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को इजरायल की सेना ने कहा कि उसने हमास के एक कमांडर को मार गिराया है, जिसने 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमले में हिस्सा लिया था। इस बीच, मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि गाजा युद्ध विराम समझौते पर नए सिरे से बातचीत की तैयारी के लिए अमेरिकी और इजरायली अधिकारी दोहा में मिलेंगे।
4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (एफपीआई) द्वारा की गई भारी बिकवाली ही बाजार में गिरावट का मुख्य कारण है। आंकड़ों से पता चलता है कि एफपीआई ने अक्टूबर में 98,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय शेयर बेचे हैं। चीनी बाजारों के सस्ते मूल्यांकन के कारण, एफपीआई अपने फंड को चीनी शेयरों में पुनर्निर्देशित कर रहे हैं, क्योंकि बीजिंग ने हाल ही में अपने संघर्ष कर रही अर्थव्यवस्था कैपिटल मार्केट को स्थिर करने के लिए उपायों की घोषणा की है।
5. हाई बांड यील्ड और मजबूत डॉलर
इसके अलावा, पिछले सत्र में चार बेसिक प्वाइंट्स की गिरावट के बाद शुक्रवार को 10 साल वाला ट्रेजरी यील्ड 4.1918% पर आ गया था। हालांकि, यह 4% से ऊपर बना हुआ है, जिसने बुधवार को तीन महीने के हाई लेवल 4.26% को छुआ था। इस बीच, छह प्रमुख बराबर की करेंसी के मुकाबले डॉलर इंडेक्स बुधवार के तीन महीने के हाई लेवल 104.57 से पीछे हटने के बाद 104.06 पर बदला था।
More From GoodReturns

MSCI अगस्त रिव्यू: इन 4 शेयरों की हुई धमाकेदार एंट्री, क्या आज बाजार में दिखेगा बड़ा एक्शन?

NSE का नया CAS सिस्टम: आज से बदल गया क्लोजिंग का तरीका, ट्रेडर्स के लिए जरूरी गाइड

NSE IPO: ₹5 लाख करोड़ का वैल्युएशन, जानिए कब खुलेगा और कैसे करें अप्लाई

Sunshine Pictures IPO: आज है दांव लगाने का आखिरी मौका! शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम

IPO Alert: आज बंद हो रहे हैं दो बड़े IPO, पैसा लगाने से पहले चेक करें ये जरूरी डिटेल्स

NSE IPO: क्या अभी पैसा लगाना सही है? लिस्टिंग से पहले ये 5 बातें जान लें

Shiprocket IPO: आज दांव लगाने का आखिरी मौका, शाम 5 बजे तक जरूर कर लें ये काम

शेयर बाजार का नया नियम: 3:15 से 3:40 के बीच बदल जाएगी ट्रेडिंग, F&O ट्रेडर्स ऐसे तैयार करें वॉचलिस्ट

निफ्टी वीकली एक्सपायरी: इन 5 गलतियों से बचें, वरना एक्सपायरी के दिन डूब सकता है आपका पैसा

Stock Market Rally: 7 दिनों की गिरावट के बाद बाज़ार में जोरदार वापसी, अब कहां करें Buying?

FINNIFTY एक्सपायरी: आज बाजार में बड़ा बदलाव! CAS टाइमिंग और इन स्टॉक्स पर रखें नजर



Click it and Unblock the Notifications