Stock Market Down: शेयर बाजार में आज 3 अक्टूबर को तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार के प्रमुख इंडेक्स सुबह गैप-डाउन के साथ खुले. सेंसेक्स 800 और निफ्टी 250 अंक फिसल गया है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 83000 और निफ्टी 25,450 तक फिसले. बाजार में तेज करेक्शन के बीच सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो, फाइनेंशियल, FMCG समेत रियल्टी सेक्टर में दर्ज की जा रही है. जबकि मेटल सेक्टर में तेजी है.
निफ्टी में शामिल 50 में से 46 शेयर सुबह साढ़े 9 बजे लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं. आयशर मोटर, BPCL, विप्रो समेत एशियन पेंट्स के शेयर 2-2 फीसदी टूट गए हैं, जोकि इंडेक्स में टॉप लूजर्स भी हैं. वहीं, JSW स्टील का शेयर सवा दो फीसदी की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा, जोकि इंडेक्स में टॉप गेनर भी है.
शेयर बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें...
1. सेबी लाया नया F&O रूल
फ्यूचर्स एंड ऑप्शन यानी F&O ट्रेड को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी बड़ा बदलाव करने जा रहा है. SEBI ने 1 अक्टूबर की शाम को सर्कुलर भी जारी कर दिया है. इसके तहत इंट्रा-डे पोजिशन लिमिट की निगरानी होगी. डेरिवेटिव्स मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट भी बढ़ा दी है. दरअसल, मार्केट रेगुलेटर डेरिवेटिव्स फ्रेमवर्क को सख्त कर रहा है. बता दें कि F&O से जुड़े ज्यादातर नए बदलाव 20 नवंबर से ही लागू होंगे.
इंडेक्स ऑप्शन बायर्स से अपफ्रंट ऑप्शन प्रीमियम लिया जाएगा. ऑप्शन एक्सपायरी के दिन शॉर्ट ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 2% का एडिशनल मार्जिन लिया जाएगा. सेबी ने डेरिवेटिव्स के लिए मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट को भी बढ़ा दिया है. इसे 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है. अब हर हफ्ते एक एक्सचेंज की सिर्फ एक वीकली एक्सपायरी होगी. साथ ही एक्सपायरी के दिन ज्यादा मार्जिन देना होगा. इसके तहत शॉर्ट पोजिशन पर 2% एक्सट्रीम लॉस मार्जिन (ELM) मार्जिन देना होगा.

2. मिडिल ईस्ट में बढ़ रहा तनाव
मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ रहा है. ईरान और इजराइल की बीच जंग जैसे हालात बन रहे हैं. इजराइल और हिजबुल्ला जंग में ईरान की एंट्री ने जियो-पॉलिटिकल टेंशन को और बढ़ा दिया है. दरअसल, ईरान ने इजराइल पर जबरदस्त पलटवार करते हुए 1 अक्टूबर की रात में धड़ाधड़ एक के बाद एक 150 से अधिक मिसाइलें दाग दी. हमले के बाद इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले के बुरे परिणाम भुगतने होंगे.
3. ग्लोबल मार्केट में तेज हलचल
अमेरिकी शेयर बाजार में बीते दो दिन में मिले जुले कारोबार हो रहा है. दो दिन में डाओ में करीबन 135 अंक की कमज़ोरी रही. अमेरिकी बाजार में कल ज्यादातर इंडेक्स सपाट ही बंद हुए थे. वहीं, एशियाई बाजारों में जापान के निक्कई में तूफानी तेजी दर्ज की जा रही है. इंडेक्स करीब सवा 2 फीसदी ऊपर ट्रेड कर रहा है. चीन का शंघाई मार्केट में तूफानी तेजी दर्ज की जा रही, जोकि करीब 8 फीसदी से ज्यादा उछल गया है. हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में तेज बिकवाली है.
4. ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में एक्शन
ईरान-इजरायल तनाव के बीच कच्चा तेल में कल लगातार चौथे दिन तेजी दर्ज की गई. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइसेज चढ़कर 75 डॉलर के पास पहुंच गई हैं. वहीं, बेस मेटल्स में 2 से 3 परसेंट की तेजी दर्ज की गई, जिसमें कॉपर और एल्युमीनियम 4 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. साथ ही जिंक ने 2 साल का हाई छुआ है.
5. संस्थागत निवेशकों की विकवाली
अक्टूबर की शुरुआत में ही भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली कर रहे. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को कैश मार्केट में कैश मार्केट में बिकवाली की. डिपॉजिटरीज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक कैश मार्केट में FIIs ने 5579 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की. जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने 4609.55 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की.
शेयर बाजार के करेक्शन में निवेशकों के डूबे लाखों
शेयर बाजार में गुरुवार को तेज बिकवाली से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 470 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है, जोकि 1 अक्टूबर को 474.84 लाख करोड़ रुपए था. यानी शुरुआती मिनटों की बिकवाली में ही निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया.


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